चूरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में सोमवार रात अचानक मौसम ने करवट ली। तेज गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ करीब 20 मिनट तक रुक-रुक कर बारिश हुई।
तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश के दौरान बछरारा और मालपुर गांवों सहित आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली।
बछरारा गांव में तो नींबू के आकार के ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया।
सुबह फिर निकली तेज धूप
बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि मंगलवार सुबह फिर से चटक धूप निकल आई।
छापर में अंधड़ और ओलावृष्टि का असर
छापर कस्बे में सोमवार शाम को अचानक तेज अंधड़ चला, जिसके बाद बारिश और ओलावृष्टि हुई।
- करीब 10 मिनट तक तेज हवाओं के साथ बारिश
- चने के आकार के ओले गिरे
- ओलों से जमीन सफेद नजर आई
इस दौरान तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
तूफान में सैकड़ों तोतों की मौत
छापर में आए तूफान का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा।
सांई मंदिर के पास सैकड़ों तोते तूफान की चपेट में आकर काल कल्वित हो गए
दर्जनों तोते घायल भी हुए
स्थानीय लोगों के अनुसार, मोदी गार्डन के पास एक नीलगाय की भी मौत हो गई।
युवाओं ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना के बाद स्थानीय युवाओं की टीम ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया।
- घायल तोतों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया
- मृत पक्षियों को वन विभाग को सौंपा गया
इस दौरान कई समाजसेवी और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
वन विभाग ने लिया जायजा
क्षेत्रीय वन अधिकारी उमेश बागोतिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने बताया:
“तूफान को देखते हुए अभयारण्य और आसपास के क्षेत्रों में गश्त की गई, राहत की बात है कि वहां कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।”
मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ी चिंता
अचानक बदलते मौसम, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने किसानों और आमजन की चिंता भी बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मौसम बदलाव आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकते हैं।



