चूरू जिले के सुजानगढ़ में एन.के. लोहिया स्टेडियम में आयोजित रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता और चारदीवारी के शिलान्यास कार्यक्रम से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुख्य अतिथि के रूप में चूरू विधायक हरलाल सहारण को बुलाए जाने का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, जिसके चलते कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सुजानगढ़ के स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल हैं, इसलिए मुख्य अतिथि उन्हें बनाया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे पर विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही स्थिति बिगड़ गई।
शिलालेख टूटने से बढ़ा विवाद
तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब उद्घाटन से पहले ही शिलालेख पट्ट को तोड़ दिया गया। उस वक्त विधायक सहारण मंच से शिलालेख की ओर बढ़ रहे थे और सामने खड़े कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। हालांकि शिलालेख किसने तोड़ा, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इसके बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, तीखी नोकझोंक और नारेबाजी शुरू हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ी। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी भी की गई, जिसमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। मौके पर डीएसपी दरजाराम सहित पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को काबू में किया गया।
सहारण बोले- लोकतंत्र में ऐसी हरकत ठीक नहीं
विधायक हरलाल सहारण ने बिना किसी का नाम लिए शिलालेख तोड़ने की घटना को “ओछी हरकत” बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे सिर्फ क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्घाटन के लिए आए थे और खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस नेता और निवर्तमान उपसभापति अमित मारोठिया ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्टेडियम का काम अभी पूरा ही नहीं हुआ, तो उद्घाटन करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रातों-रात शिलालेख लगाकर कार्यक्रम करने की कोशिश की गई।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आपत्ति जताई कि शिलालेख पर स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल और अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं किए गए, जो अनुचित है।
पहले से चल रहा था विरोध
कार्यक्रम से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिलालेख के सामने खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसमें कई पार्षद और स्थानीय नेता शामिल रहे। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम का विरोध किया।
प्रशासन भी अनजान!
सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने कहा कि एसडीएम और नगर परिषद आयुक्त को भी इस शिलालेख के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसे जांच का विषय बताते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन सही प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया, इसलिए विरोध स्वाभाविक है।
फिलहाल पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है, लेकिन इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।



