माह-ए-रमजान में नन्हीं बहनों की इबादत बनी प्रेरणा
चूरू के मोहल्ला चेजारान में 6 साल की जुड़वां बहनें आयत और जुवेरिया इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इतनी कम उम्र में ये दोनों बहनें माह-ए-रमजान में रोजा रखकर और पांच वक्त की नमाज अदा कर इबादत में जुटी हुई हैं।
रोजा के साथ कुरआन शरीफ की तिलावत
दोनों बहनें न केवल रोजा रख रही हैं बल्कि पवित्र कुरआन शरीफ भी सीख रही हैं। वे रोजाना समय पर सेहरी और इफ्तार करती हैं और अल्लाह से दुआ भी मांगती हैं।
परिवार के अनुसार, जिले में ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं जो पहली बार रोजा रख रहे हैं और पूरी निष्ठा के साथ नियमों का पालन कर रहे हैं।
परिवार ने बताया गर्व का विषय
आयत और जुवेरिया के पिता जावेद ने कहा,
“रमजान का महीना रहमत और बरकत का होता है। इस दौरान बच्चे भी इबादत में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और अल्लाह के करीब माने जाते हैं।”
वहीं उनकी मां फरीन सिसोदिया का कहना है,
“बच्चों का रोजा रखना माता-पिता के लिए भी पुण्य का कारण बनता है। छोटी उम्र में ही उनमें आस्था का भाव विकसित होना उनके भविष्य के लिए अच्छा संकेत है।”
दादा-दादी ने साझा की खुशी
दादा फारूक जमाल ने बताया कि रमजान का महीना बेहद खास होता है और पूरा परिवार इसका इंतजार करता है।
उन्होंने कहा,
“नन्हे बच्चे भी भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं, यह बहुत गर्व की बात है।”
दादी शहनाज ने कहा कि परिवार के सभी सदस्य रोजा रखकर कुरआन शरीफ की तिलावत करते हैं और सबकी खुशहाली की दुआ मांगते हैं।
देश की खुशहाली के लिए दुआ
नन्हीं रोजेदार आयत और जुवेरिया का कहना है कि वे रोजा रखकर देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ कर रही हैं।
