चूरू शहर से सटे वन क्षेत्र में हिरण, मोर और नीलगाय की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में हुई वन्य जीव गणना में सामने आए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि क्षेत्र में वन्य जीवों की तादाद में आंशिक बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि वन्यजीवों की बढ़ती संख्या पर्यावरण के लिए सकारात्मक मानी जा रही है, लेकिन दूसरी ओर किसान फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान हैं।
बुद्ध पूर्णिमा पर हुई वन्य जीव गणना
वन विभाग की ओर से 1 मई से 2 मई की शाम तक वन्य जीव गणना करवाई गई। यह गणना बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र के पांच अलग-अलग पॉइंटों पर की गई।
गणना में पक्षियों में सबसे अधिक मोर और जानवरों में नीलगाय एवं चिंकारा हिरण दर्ज किए गए।
नीलगाय और हिरण की संख्या बढ़ी
रेंजर अश्वनी सिंह ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार सभी प्रमुख प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वन्य जीवों के आंकड़े:
- नीलगाय
- पिछले वर्ष: 304
- इस वर्ष: 312
- चिंकारा हिरण
- पिछले वर्ष: 289
- इस वर्ष: 297
- मोर
- पिछले वर्ष: 497
- इस वर्ष: 503
इसके अलावा:
- लोमड़ी – 79
- सांडा – 45
- खरगोश – 62
- जंगली बिल्ली – 41
- नेवला – 49
की संख्या भी दर्ज की गई है।
किसानों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र में नीलगाय और हिरणों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ चुकी है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों के अनुसार, रात के समय झुंडों में आने वाले वन्यजीव फसलों को चर जाते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वन विभाग रखेगा निगरानी
वन विभाग का कहना है कि वन्य जीव संरक्षण के साथ-साथ किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निगरानी रखी जाएगी। विभाग भविष्य में वन्यजीवों की गतिविधियों और उनकी संख्या पर लगातार नजर बनाए रखेगा।




