राजस्थान में नई नीति से व्यवसायिक एलपीजी आपूर्ति 70% तक पहुंची
चूरू सहित पूरे राजस्थान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई व्यवसायिक एलपीजी वितरण नीति लागू कर दी है।
इस नीति का उद्देश्य व्यवसायिक गैस आपूर्ति को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
70% तक बहाल हुई गैस सप्लाई
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पहले गैस सप्लाई प्रभावित हुई थी।
अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से व्यवसायिक एलपीजी आपूर्ति 70% तक बहाल कर दी गई है।
“नई नीति से गैस आपूर्ति को पहले जैसी स्थिति में लाने में मदद मिलेगी।”
प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा गैस आवंटन
नई नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता के अनुसार गैस आवंटन किया जाएगा:
- शैक्षणिक संस्थान व अस्पताल: 100%
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, डेयरी: 60%
- औद्योगिक उपभोक्ता: 40%
- अन्य उपभोक्ता: 50%
- फूड कार्ट व प्रवासी श्रमिक: 5 किलोग्राम सिलेंडर (अधिकतम 2)
इसके अलावा मंदिर, विवाह समारोह और धार्मिक आयोजन को भी 50% गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
एक साल की खपत के आधार पर तय होगा आवंटन
व्यवसायिक एलपीजी का आवंटन अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत के आधार पर तय किया जाएगा।
यदि किसी जिले में अतिरिक्त गैस बचती है, तो जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति स्थानीय जरूरत के अनुसार आवंटन करेगी।
पंजीकरण अनिवार्य, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा सिलेंडर
नई नीति के तहत सभी व्यवसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को संबंधित ऑयल कंपनी के वितरक के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य है।
बिना पंजीकरण के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
PNG कनेक्शन को बढ़ावा
जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां व्यवसायिक उपभोक्ताओं को पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।
हालांकि, जहां पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है या गैस को प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता, वहां यह नियम लागू नहीं होगा।
पारदर्शी व्यवस्था के लिए सख्त निर्देश
शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि नई नीति में पारदर्शिता और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर समितियां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त आवंटन भी कर सकेंगी।
