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आरबीआई कार्यालयों में दो हजार के नोट बदलवा सकते हैं आमजन

विकसित भारत संकल्प यात्रा में आमजन को मिले बैंकिंग योजनाओं का लाभ – सिहाग

जिला कलक्टर ने जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में बैंक अधिकारियों को दिए निर्देश,

ऋणमुक्ति की काल्पनिक प्रत्याशा को लेकर आमजन को आगाह करने के निर्देश

चूरू, जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान आमजन को अन्य विभागों की योजनाओं के साथ-साथ बैंकों के माध्यम से संचालित हो रही कल्याणकारी योजनाओं का भी भरपूर लाभ मिले, इसके लिए सभी बैंक एक्शन प्लान बनाकर काम करें और जिन-जिन पंचायतों में शिविर हों, उनके संबंध में पहले से ही एक्सरसाइज कर लोगों को लाभान्वित करें। जिला कलक्टर शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में बैंक अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ एके तिवारी ने बताया कि 2 हजार रुपए के नोटों को बदलने की सुविधा आरबीआई के निर्गम कार्यालयों में दी जा रही है। आमजन द्वारा आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों में काउंटर पर अधिकतम दस नोट बदलवाए जा सकते हैं। इससे ज्यादा नोट डाकघर के माध्यम से वैध पहचान पहचान पत्र, पेन कार्ड, अकाउंट डिटेल आदि के साथ लिफाफे में डालकर आरबीआई को भेजे जा सकते हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कर्जमुक्ति अभियान के बारे में बैंकर्स को आगाह करते हुए कहा कि इस अभियान के चलते उधारकर्ताओं को लक्षित कर उनसे पैसे लिए जा रहे हैं और सरकार द्वारा ऋण माफी की बात कही जा रही है, जिससे ऋण माफी की काल्पनिक प्रत्याशा के चलते उधारकर्ता किश्तों के भुगतान से इनकार कर रहे हैं। इस बारे में बैंकर्स को चाहिए वे उपभोक्ताओं को जागरुक करें कि वे किसी बहकावे में नहीं आएं।

अग्रणी बैंक प्रबंधक अमर सिंह ने विभिन्न बैंकों द्वारा अर्जित उपलब्धियों और संचालित योजनाओं की जानकारी दी, जिस पर जिला कलक्टर ने समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इस दौरान बैंकवार ऋण-जमा अनुपात की स्थिति, सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री लघु उद्यम प्रोत्साहन योजना, डॉ भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि, वित्तीय समावेशन, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान की गतिविधियां, वित्तीय साक्षरता, वसूली, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, शिक्षा ऋण, घर-घर केसीसी अभियान को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान बीआरकेजीबी के उप क्षेत्रीय प्रबंधक राजेंद्र कुमार, उद्योग महाप्रबंधक नानूराम गहनोलिया, महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार, जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक कुमार अजय, राजीविका डीपीएम दुर्गा देवी, पूनम चौधरी, पीएनबी के डीसीओ हेमंत चाहर, आरसेटी के निदेशक अमनदीप सिंह मीणा, बीओबी के दिनेश कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सुरेश कुमार बुरानिया, सीसीबी के हजारी राम, नगर परिषद के अजय वर्मा, पवन सिंह शेखावत, पीयूष मीणा, रवींद्र कुमार, सुरेंद्र जाट आदि मौजूद थे।