चूरू, राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित सेठानी जोहड़ में भव्य सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन वेदारण्य हेरिटेज एंड हीलिंग फेस्टिवल के अंतर्गत जिला प्रशासन, चूरू नगरपरिषद और श्रुति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
अतिथियों ने किया दीपदान
कार्यक्रम में चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक डॉ. टिम कर्टिस सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने सेठानी जोहड़ पर दीपदान कर कार्यक्रम की गरिमामयी शुरुआत की।
“लोक संस्कृति हमारी पहचान”
चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा
“राजस्थान की लोक संस्कृति हमारी पहचान और गौरव है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से परंपराएं जीवंत रहती हैं।
प्रशासन संस्कृति संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा
“जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित और जीवंत बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।”
उन्होंने लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने और आमजन से ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
यूनेस्को निदेशक ने की सराहना
यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक डॉ. टिम कर्टिस ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा—
“राजस्थान का लोक संगीत और नृत्य विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।”
उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, परंपराएं और हेरिटेज पूरे विश्व को आकर्षित करते हैं।
“केसरिया बालम” पर झूम उठा जोहड़ परिसर
सांस्कृतिक संध्या में
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श्रुति पोद्दार व सास्किया राव-डी हास द्वारा सितार वादन
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बुटे खान सहित कलाकारों द्वारा
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केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देस
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निंबुड़ा निंबुड़ा
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कालबेलिया लोक नृत्य
सहित राजस्थानी लोकगीतों और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
कार्यक्रम में एसडीएम सुनील कुमार, आयुक्त अभिलाषा सिंह, विमला गढ़वाल, रचना कोठारी, सीपी शर्मा, डॉ. केसी सोनी, सुनील ढाका, नितिन बजाज, आशीष माटोलिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकुल भाटी ने किया।
