फर्जी दस्तावेजों से ठगी, पुलिस की तत्परता से मिली राहत
चूरू जिले में फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों के जरिए 5 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि साइबर पुलिस की तत्परता से पीड़ित को पूरी राशि वापस मिल गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद ने बताया कि यह मामला 18 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था।
यह एफआईआर एटीएस-एसओजी से प्राप्त जीरो नंबर के आधार पर साइबर थाना चूरू में दर्ज की गई।
हेल्पलाइन पर की शिकायत
ढाणी बड़ी निवासी पीड़ित विकास ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी।
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
ठग ने खुद को एक विश्वसनीय व्यक्ति बताकर पीड़ित का विश्वास जीता।
फिर फर्जी पहचान और जाली इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के जरिए उसे भ्रमित कर अलग-अलग बहानों से 5 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
तकनीकी जांच से खुलासा
मामले की जांच के लिए आरपीएस विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
टीम में:
- एएसआई वीरेंद्र सिंह
- कांस्टेबल कैलाश
- हेड कांस्टेबल रामकांत (साइबर सेल)
टीम ने तकनीकी जांच के जरिए ट्रांजेक्शन को ट्रेस किया।
पूरी राशि करवाई रिफंड
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूरे 5 लाख रुपए पीड़ित के खाते में वापस करवा दिए।
पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें
किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें
बिना जांच के ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें
