सादुलपुर। दयावठ गांव में निजी फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई के दौरान एक महिला को कथित रूप से घर से उठाकर वाहन में बैठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में विरोध बढ़ गया। मामले को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की सिद्धमुख तहसील कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार को सिद्धमुख तहसील कार्यालय के सामने आक्रोश सभा आयोजित की गई।
बड़ी संख्या में जुटे किसान और ग्रामीण
आक्रोश सभा से पहले तहसील कार्यालय के सामने किसानों की आमसभा आयोजित हुई, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए।
सभा में वक्ताओं ने दयावठ गांव में हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे गंभीर मामला बताया और कहा कि इससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
पुलिस और फाइनेंस कंपनी पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान महिला के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। साथ ही पुलिस पर फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधियों का सहयोग करने के आरोप भी लगाए गए।
सभा में मौजूद लोगों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
कई किसान नेताओं ने रखी अपनी बात
आक्रोश सभा को जगत सिंह, सीताराम टांडी, अजीत पूनिया, सोनू जनावा, रमेश लौटासरा, महेंद्र भाकर, मंगेज चौधरी, मुनेश पूनिया, सत्यवीर मलवास, कुरड़ाराम दामिवाल और विक्रम सोनी सहित कई किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने किसानों के अधिकारों की रक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
तहसील कार्यालय में हुई लंबी वार्ता
सभा के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल और पुलिस अधिकारियों के बीच तहसील कार्यालय में विस्तृत वार्ता हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने निम्न मांगें रखीं
- महिला से कथित बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना
- किसान का पशुधन वापस दिलाना
वार्ता के बाद बनी सहमति
करीब शाम 4 बजे तक चली वार्ता के बाद फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा किसान का पशुधन वापस दिलाने पर सहमति बनी।
इसके बाद किसान संगठनों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।





