चूरू की कोतवाली पुलिस ने फर्जी वसीयत के जरिए जमीन हड़पने के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर उसके नाम से वसीयत तैयार की गई थी।
11 महीने बाद बनाई गई फर्जी वसीयत
पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति की मौत के करीब 11 महीने बाद उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार की गई।
आरोपियों ने झूठे गवाहों के जरिए दस्तावेजों को सही साबित करने की कोशिश की।
पैतृक जमीन को बनाया निशाना
मामले में झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी विक्रम सिंह ने 11 अगस्त 2024 को शिकायत दर्ज करवाई थी।
उन्होंने बताया कि परिवार की पैतृक कृषि भूमि का कभी कानूनी बंटवारा नहीं हुआ था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।
कोर्ट से डिग्री लेकर नाम करवाया दर्ज
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश किए और अपने पक्ष में डिग्री हासिल कर ली।
इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
कोतवाली थाना के एएसआई राजू सिंह ने बताया कि इस मामले में
- सुधीर कुमार (45)
- गजेंद्र सिंह (70)
को गिरफ्तार किया गया है।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
संभावना है कि मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



