27 फरवरी से 2 मार्च तक चंग-धमाल और घींदड़ की गूंज
चूरू जिले के रतनगढ़ में क्षेत्र की लोक संस्कृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से गीगराज घींदड़ कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का फागोत्सव भव्य और आकर्षक तरीके से मनाया जाएगा।
27 फरवरी से शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि 27 फरवरी से 2 मार्च तक लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस दौरान चंग-धमाल, डांडिया और पारंपरिक घींदड़ नृत्य की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी।
स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर क्षेत्रीय प्रतिभाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील
कमेटी के एक पदाधिकारी ने कहा,
“फागोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी विरासत को संजोने का माध्यम है। अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लें।”
कमेटी ने आमजन से अपील की है कि वे परिवार सहित कार्यक्रमों में शामिल होकर राजस्थानी संस्कृति को सहेजने में सहयोग दें।
शेखावाटी में फाग की परंपरा
फागोत्सव शेखावाटी अंचल की पहचान है। विशेष रूप से रतनगढ़ क्षेत्र में घींदड़ और चंग-धमाल की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में भाग लेते हैं, जिससे आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत होता है।
