
दो साल का प्यार, फिर शादी का फैसला
रतनगढ़ निवासी 21 वर्षीय लक्ष्मी ने अपनी पसंद के युवक 24 वर्षीय चांदमल सामरिया से प्रेम विवाह किया है। लक्ष्मी के अनुसार, वह और चांदमल पिछले दो वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। चांदमल उनके घर के पास ही रहता है और पत्थर की कारीगरी का काम करता है।
शुरुआत में परिजनों को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी, लेकिन करीब आठ महीने पहले जब परिवार को इसका पता चला, तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
परिजनों पर मारपीट और दबाव के आरोप
लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि परिजनों ने उस पर चांदमल से बातचीत बंद करने का दबाव बनाया और कई बार मारपीट भी की गई। मानसिक रूप से परेशान होकर लक्ष्मी ने 29 जनवरी को चांदमल के साथ घर छोड़ दिया।
दोनों पहले दिल्ली गए और फिर 30 जनवरी को गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
गुमशुदगी रिपोर्ट और झूठे आरोप का दावा
लक्ष्मी ने बताया कि उसके घर छोड़ने के बाद परिजनों ने रतनगढ़ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। साथ ही उस पर ₹1 लाख नकद और गहने चोरी करने का आरोप भी लगाया गया है।
लक्ष्मी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा—
मैं घर से खाली हाथ निकली थी, मुझ पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।
लगातार मिल रही धमकियां, सुरक्षा की मांग
नवविवाहित दंपति ने पुलिस को बताया कि उन्हें अब भी लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। इसी कारण वे एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
शेखावाटी लाइव के लिए रतनगढ़ से सुभाष प्रजापत की रिपोर्ट
