चूरू, सुभाष प्रजापत जिले के सरदारशहर क्षेत्र के मालसर गांव की दलित बस्ती में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
80 से 90 परिवार टैंकरों पर निर्भर
स्थानीय लोगों के अनुसार बस्ती के करीब 80 से 90 परिवार निजी टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीने के पानी के लिए उन्हें प्रत्येक टैंकर पर 1000 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
चौपाल में किया विरोध प्रदर्शन
लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को गांव की मुख्य चौपाल में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की।
“कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान”
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जलदाय विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया है।
इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में आदूराम मेघवाल, मंगलाराम मेघवाल, हरिराम मेघवाल, विकास वाल्मीकि, श्रवण सांसी, डूंगरराम मेघवाल, कानाराम नायक, कालूराम नायक और विनोद कुमार नायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।
सरपंच ने क्या कहा?
ग्राम पंचायत की सरपंच बाला सिंवर और रामचंद्र गोदारा ने बताया कि गांव की पेयजल समस्या से जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
इसके अलावा जहां से टैंकरों की आपूर्ति की जाती है, वहां भी समस्या की जानकारी दी गई है।
जल्द राहत मिलने की उम्मीद
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य होते ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द पेयजल संकट दूर किया जा सके।





