ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण की पहल
चूरू में शुरू हुआ पाण्डुलिपि डिजिटाइजेशन अभियान
चूरू जिले में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत पाण्डुलिपियों के डिजिटाइजेशन और संरक्षण का कार्य शुरू किया गया है।
इस अभियान के तहत जिलेभर में उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान और सूचीकरण किया जाएगा।
किन-किन जगहों पर होगी खोज?
इस परियोजना में निम्न स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- मंदिर और मठ
- पुस्तकालय और संग्रहालय
- कॉलेज और विश्वविद्यालय
- निजी संग्रहकर्ता
इन सभी स्थानों पर मौजूद ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
क्या है इस मिशन का उद्देश्य?
जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य:
- प्राचीन ज्ञान परंपरा का संरक्षण
- पाण्डुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करना
- भविष्य के लिए सुलभ और संरक्षित डेटा तैयार करना
उन्होंने कहा:
“यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे हमारी विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।”
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके पास पुरानी पाण्डुलिपियां उपलब्ध हैं, तो इसकी सूचना जरूर दें।
इससे अधिक से अधिक पाण्डुलिपियों को डिजिटाइज कर संरक्षित किया जा सकेगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त
इस परियोजना के लिए जिला स्तर पर सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
निजी संग्रहकर्ता सीधे नोडल अधिकारी को जानकारी देकर इस अभियान में भाग ले सकते हैं।
