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सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में उठाए रेलवे से जुड़े अनेकों मुद्दे

दिल्ली/चूरू, चूरू सांसद राहुल ने रेलवे की अनुदान मांगों पर हो रही चर्चा के दौरान लोकसभा में रेलवे सम्बन्धि विभिन्न मुद्दों को लिखित में उठाया। सांसद ने कहा कि किसी भी देश कि प्रगति के लिए उस देश के आधारभूत ढाँचे का सुदृढ़ होना अत्यंत ही आवश्यक होता है। आधारभूत संरचना और देश के विकास में रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है।पूर्व में भारत सरकार द्वारा रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है, लेकिन इस देश का दुर्भाग्य देखिए कि इस बार के पूरे बजट में रेलवे का नाम भी नहीं लिया गया।

रेलवे द्वारा वर्ष 2023-24 के दौरान माल भाड़े व यात्री भाड़े से 2.40 लाख करोड़ रू. की कमाई की गई और इस वित्तीय वर्ष के दौरान इसमें ओर अधिक वृद्धि की आशा है, लेकिन माननीय वित्त मंत्री जी के द्वारा इस बजट में विभिन्न रेल परियोजनाओं के विस्तार हेतु लगभग 1.50 लाख करोड़ रू. का प्रावधान किया है, व कुल बजट में लगभग 2.50 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान रेलवे के लिए किया गया है।  रेलवे द्वारा जारी पिंक बुक को देखने पर पता लगता है कि रेल मंत्रालय के द्वारा कोई भी नई परियोजना पर कार्य नहीं किया जा रहा है।

पूर्व में भारत सरकार द्वारा गतिशक्ति परियोजना के माध्यम से देश के विकास को गति दिए जाने हेतु जो प्रयोजन किया था, उसको देखकर लग रहा था कि यह बहुत अच्छा कदम साबित होगा, लेकिन इस के उलट अभी भी गतिशक्ति परियोजना के तहत्त कार्य किये जाने में काफी दिक्कतों का सामना किया जा रहा हैं। मंत्रालयों में उचित समन्वय के अभाव में देश के आधारभूत ढांचे को तीव्र गति के साथ विकास किये जाने का कार्य अभी भी अधरझूल में दिखाई दे रहा है।
भारत सरकार द्वारा देश में 400 हाई स्पीड एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का प्लान किया गया था, जिससे देश में तीव्र गति से पर्यटन क्षेत्रों का भी विकास संभव होना था। सिर्फ चुनाव के समय कुछ गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, बाकि इस प्लान को भी सरकार द्वारा ठण्डे बस्ते में डालना प्रतीत हो रहा है।
सांसद कस्वां ने कहा कि रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं में विस्तार किये जाने हेतु द्रुतगति से ट्रेनों में LHB कोच लगाये जाने प्रस्तावित थे, लेकिन अभी भी काफी मुख्य गाड़ियों में LHB कोच नहीं लगाये गए हैं। हमारे द्वारा पिछले काफी समय से LHB कोच हेतु मांग की गई है, लेकिन सरकार द्वारा इस पर कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई।

सुरक्षा हेतु भी रेलवे ने पिछले सालों में काफी सुधार करने का प्रयास किया। कवच नमक सेफ्टी डिवाइस के माध्यम से एक ही ट्रैक पर आमने सामने से आ रही गाड़ियों को ट्रैकिंग करते हुए रोका जा सकता हैं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस डिवाइस का जिस गति के साथ पूर्ण इंस्टालेशन होना था, वो अभी तक अभी तक नहीं किया जा सका हैं, जिसकी वजह से पिछले दिनों में ऐसी काफी दुर्घटनायें हमें देखने को मिली हैं।

सांसद कस्वां ने कहा कि मेरे लोकसभा क्षेत्र में सादुलपुर – हनुमानगढ़ खंड, रतनगढ़ – सरदारशहर खंड व चुरू – जयपुर खंड के विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चूका हैं, लेकिन इस अनुपात में विद्युतीकृत गाड़ियों का सञ्चालन नहीं किया जा रहा है। मेरे लोकसभा क्षेत्र के सादुलपुर स्टेशन पर नया प्लेटफार्म बनाये जाने के कारण लाइन संख्या 1 व 2 का विद्युतीकरण कार्य भी अधर में पड़ा हैं, जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना आवश्यक है।
 
रेल मंत्रालय द्वारा चौकीदार विहिन सभी समपारों को समाप्त करने का विचार हैं, लेकिन ऐसे स्थान जहाँ वैध समपार नहीं है, वहां की स्थिति क्या होगी, यह एक विचारणीय प्रश्न है।

बीकानेर-दिल्ली रेल लाइन का निर्माण 100 वर्ष पूर्व किया गया था, उस समय मानवरहित/मानवसहित रेल समपार की मांग नहीं हुआ करती थी। इस रेल लाइन पर विशेष रूप से मेरे संसदीय क्षेत्र चूरू में इनका भारी अभाव है, 5 से 10 कि.मी. तक एक भी रेलवे क्रॉसिंग नहीं है, जबकि अन्य क्षेत्र में प्रत्येक 1 कि.मी. पर रेलवे क्रॉसिंग है।

इसके अभाव में सेंकड़ों वर्षों के ग्रामीण रास्ते एक गाँव से दूसरे गांव व खेतों में जाने के रास्ते बन्द हो गए हैं। भारी वाहनों की बात तो छोड़िए, किसान अपने खेतों में उंटगाड़ी तक नहीं ले जा पा रहा है। किसान अपना खेत छोड़ नहीं सकता, रेलवे क्रोसिंग के अभाव में गांव से खेत एवं खेत से गांव जाना नहीं हो पा रहा है। मजबूरन उन्हें अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन को पार करना पड़ रहा है, जिससे हमेंशा उनके जीवन को खतरा बना रहता है। लोहारू-रतनगढ, सादुलपुर-हनुमानगढ, सादुलपुर-झूम्पा, रतनगढ-सरदारशहर, रतनगढ़ – बीकानेर, रतनगढ-डेगाना खण्ड पर काफी ऐसे गांव है, जहां गांव का दूसरे गांव से व खेतों से सम्पर्क टूट गया है। अत: यहां रेल अण्डर ब्रिज का निर्माण किया जाना अति आवश्यक है। राज्य सरकारों के पास इनके निर्माण के लिए धन ही नहीं है, व राज्य सरकार द्वारा अंडर ब्रिज हेतु बजट घोषणा के बाद भी बजट जारी नहीं किया जा रहा है। रेलवे अण्डर ब्रिज निर्माण के लिए रेल मंत्रालय को अपनी नीति को बदलकर इनका निर्माण रेलवे को करना चाहिए। जब तक इन मार्गों पर रेल अण्डर ब्रिज का निर्माण नहीं होगा तब तक रेलवे का सुरक्षा का विजन कैसे पूरा हो पाएगा।

पिछले साल भारत सरकार द्वारा कुछ स्थानों पर रेलवे अंडरब्रिज बनाये जाने हेतु राशि जारी की गई थी, जिसके तहत मेरे लोकसभा क्षेत्र में भी 26 अंडर ब्रिज बनाये जाने प्रस्तावित थे, लेकिन अभी तक इनका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका हैं, जिसके कारण क्षेत्र के आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अत: सरकार जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाए जाने हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित करें। साथ ही मेरे लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर नए अंडर ब्रिज कि आवश्यकता हैं वहां भी सरकार जल्द से जल्द स्वीकृत जारी करे, ताकि मेरे लोकसभा क्षेत्र के आमजन को इसका लाभ मिल सके।

रेलवे द्वारा बनाये जा रहे अंडर ब्रिज में पानी भराव एक बड़ी समस्या है, जिसका उचित समाधान अभी तक नहीं किया जा सका हैं। बारिश के मौसम के दौरान इन अंडर ब्रिज में 6-7 फीट तक पानी भर जाता हैं, जिसके कारण मार्ग तो अवरुद्ध होता ही हैं, साथ ही आमजन का जीवन खतरे में रहता है। अत: रेलवे द्वारा अंडर ब्रिज की डिजाईन में बदलाव कर पानी निकासी सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

सांसद कस्वां ने कहा कि मेरे लोकसभा क्षेत्र के आमजन द्वारा पिछले काफी समय से रतनगढ-फतेहपुर, सरदारशहर-हनुमानगढ़, गजसिंहपुर- सरदारशहर-तारानगर- राजगढ, सीकर – नोखा वाया सालासर धाम-बीदासर, आदमपुर-भादरा मार्गों पर नई रेल लाइन डाले जाने हेतु मांग की जा रही हैं। पूर्व बजट में इन मार्गों के सर्वे किये जाने हेतु काफी बार घोषणा भी की गई हैं, लेकिन हर बार नेगेटिव ROR बताकर इन मार्गों पर लाइन डाले जाने से रेलवे द्वारा मना कर दिया जाता है| मेरा सरकार से अनुरोध हैं कि उक्त सभी रेलवे मार्गों के आर्थिक, धार्मिक व सामरिक महत्व को देखते हुए नई नीति लाकर नेगेटिव ROR की स्थिति में भी नई रेल लाईन डाले जाने का कार्य किया जावे ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।

उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि दिल्ली को बीकानेर व चूरू से जोड़ने वाली सभी गाड़ियाँ रेवाड़ी होकर आती हैं। इस मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने की वजह से नई गाड़ियों के सञ्चालन में सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अत: चूरू से फरुखनगर तक वाया पिलानी-लोहारू होते हुए नई रेल लाइन डाली जाती हैं तो यह एक नये रूट के तौर पर विकसित होगा व दिल्ली के लिए ओर अधिक गाड़ियां चलाने में सुविधा होगी, अतः इस मार्ग का सर्वे भी करवाया जाए। इसके साथ ही खाटू श्याम जी से सालासर धाम तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन का कार्य भी जल्द शुरू किया जावे|

उन्होनें कहा कि चूरू लोकसभा क्षेत्र में नियमित रूप से अनेक गाड़ियों का सञ्चालन किया जा रहा हैं | यात्री सुविधाओं को देखते हुए कुछ गाड़ियों को चलाया जाना क्षेत्र के लिए अत्यंत ही आवश्यक हैं | दिल्ली सराय रोहिल्ला – जोधपुर सालासर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22421/22 को माउन्ट आबू, जोधपुर – दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22481/82 को हरिद्वार या ऋषिकेश, लखनऊ – जयपुर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 19715/16 को हिसार वाया सीकर, चुरू व गोरखपुर – हिसार एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 12555/56 को हनुमानगढ़ वाया सादुलपुर तक विस्तार किया जाना क्षेत्र व आमजन की आवश्यकता को देखते हुए अत्यंत ही आवश्यक हैं | रेल मंत्रालय द्वारा उक्त सभी गाड़ियों के विस्तार की जल्द से जल्द स्वीकृति जारी की जावे, ताकि आमजन को इससे राहत मिले | 

सादुलपुर-हनुमानगढ़ खंड का कार्य पूर्ण हुए काफी समय बीत चूका हैं लेकिन अभी तक इस मार्ग पर एक्सप्रेस गाड़ियों का बहुत ही कम सञ्चालन किया जा रहा हैं | मेरा सरकार से अनुरोध हैं कि हनुमानगढ़ से दिल्ली, श्रीगंगानगर से जयपुर, श्रीगंगानगर से जोधपुर व श्रीगंगानगर से उदयपुर तक इंटरसिटी गाड़ियों का सञ्चालन किया जावे, ताकि क्षेत्र के यात्रिओं को फायदा मिल सके।

इस बजट में माननीय वित्त मंत्री जी के द्वारा देश में आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु विशेष प्रावधान किया है। रेलवे में भी लगातार यात्री सुविधाओं के विस्तार किये जाने की अत्यंत महत्ती आवश्यकता है। सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणी के अनुसार विकास कार्य न करते हुए आवश्यकता के अनुसार सुविधाओं का विस्तार किया जावे। मेरे लोकसभा क्षेत्र में चुरू, रतनगढ़, सुजानगढ़ व सादुलपुर स्टेशन पर अतिरिक्त शौचालय निर्माण की आवश्यकता हैं, जिसके लिए बजट जारी किया जाए।

रेलवे स्टेशन की लम्बाई व ऊंचाई बढ़ाये जाने हेतु भी काफी मांग हमारे लोकसभा क्षेत्र के आमजन के द्वारा की जा रही है। नोहर, छापर, पड़िहारा स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाये जाने एवं लम्बाई भी 24 डिब्बों की गाड़ी के अनुसार किये जाने की महत्ती आवश्यकता है। चुरू, सरदारशहर व रतनगढ़ स्टेशन पर अतिरिक्त फूट ओवर ब्रिज निर्माण हेतु भी मंत्रालय द्वारा राशि जारी की जाए। साथ ही सादुलपुर स्टेशन पर दक्षिण दिशा में टिकट काउंटर खोला जावे।

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