शिवम् नशामुक्ति केंद्र में मुफ्त उपचार, सरकार दे रही आर्थिक सहायता
चूरू, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्थान को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इसी क्रम में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जिले में ‘नशामुक्त चूरू अभियान’ चलाया जा रहा है।
91 लोगों को मिला नया जीवन
जिला मुख्यालय स्थित एलएन मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित शिवम् नशामुक्ति केंद्र इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सुव्यवस्थित प्रबंधन और विशेषज्ञ उपचार के चलते अब तक 91 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।
इनमें 89 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश मरीज शराब, गुटखा और धूम्रपान की लत से ग्रसित थे।
प्रदेश सरकार की आर्थिक सहायता
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से राज्य सरकार नशामुक्ति केंद्रों को अनुदान दे रही है।
शिवम् नशामुक्ति केंद्र को आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए 3.20 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
साथ ही मरीजों की देखभाल हेतु प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 120 रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सा व काउंसलिंग सुविधा
केंद्र में मरीजों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, शुगर व लीवर फंक्शन टेस्ट के बाद चिकित्सकीय निगरानी में डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया करवाई जाती है।
डॉ. महेश शर्मा के अनुसार,
“मरीजों की 24×7 मॉनिटरिंग की जाती है और मनोचिकित्सक द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी उपचार किया जाता है।”
यहां योग, ध्यान, व्यायाम, संतुलित भोजन, सुरक्षित आवास और फॉलो-अप काउंसलिंग की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है।
महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग आवास व शौचालय व्यवस्था भी है।
लाभार्थी ने जताया संतोष
चूरू के वार्ड नंबर 47 निवासी 25 वर्षीय राज, जिन्होंने केंद्र से उपचार लिया, ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि
“यह केंद्र लोगों को नया जीवन देने का काम कर रहा है।”
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा है, तो उसे नशामुक्ति केंद्र तक पहुंचाकर उपचार का लाभ दिलाएं।
नशामुक्त चूरू अभियान को जनआंदोलन बनाकर ही जिले को नशामुक्त बनाया जा सकता है।
