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गणेश जी को लगाया 1 हजार 151 किलो के केसरिया लड्डू का भोग

देपालसर गणेश मंदिर में

चूरू, [ सुभाष प्रजापत ] देपालसर गणेश मंदिर में बुधवार को गणेश चतुर्थी पर सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। 11 बजे तक मंदिर में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के धोक लगाकर मन्नते मांगी। 70 फीट ऊंचाई पर स्थित मंदिर में डेढ़ किमी की लाइन में लगकर श्रद्धालुओं ने दरबार में धोक लगाई।पुजारी परमेश्वरलाल ने बताया कि बुधवार अल सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। मेले का आगाज सुबह गणेश सेवा समिति की तरफ से तैयार करवाए गए 1 हजार 151 किलो के केशरिया लड्डू का भोग लगाकर किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छायादार रेलिंग की व्यवस्था की गई। मंदिर से करीब डेढ़ किमी दूर से ही कतार लगनी शुरू हो गई। वाहनों को भी मंदिर से करीब दो किमी दूर खड़े करवाया गया। मेले में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चूरू और रतननगर पुलिस थाने का जाप्ता लगाया गया। दर्शन के लिए लगाई गई लाइन में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए लाइन में भी पुलिस के जवान मुस्तैद थे। इस मौके पर विजय पूनिया, विकास रणवां, सुरेश, विक्रम, मनोज श्योराण, इंद्राज कस्वां, कल्पना फगेड़िया, प्रवीण कुल्हरी व संजय सांगवान आदि मौजद थे।मेले में वाहनों की अनावश्यक भीड़ नहीं हो इसके लिए मेला समिति की ओर से टू व्हीलर और फोर व्हीलर को गांव के बाहर ही खड़ा करवाया गया। जिससे अनावश्यक भीड़ नहीं हो। इसके अलावा रेलवे क्रोसिंग के पास भी पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। जो ट्रेन आने और जाने के समय पर भीड़ को रोककर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कर रहे थे।भोग लगाकर श्रद्धालुओं को बांटा प्रसाद तारागढ़ी गणेश मंदिर में हर बार की तरह इस बार भी गणेश सेवा समिति की ओर से बनाया गया 1 हजार 151 किलो का लड्डू आकर्षण का केन्द्र बना रहा। समिति के बहादुर सिंह फगेड़िया व अमीलाल धेतरवाल ने बताया कि समिति पिछले 22 सालों से गणेश मंदिर में भगवान गणेश को भोग लगाकर प्रसाद दे रही है। समिति हर बार 1111 किलो का लड्डू बनाती है। मगर इस बार श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ को देखते हुए 1151 किलो का लड्डू बनाया है।तारागढ़ी गणेश मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिए मंदिर में नारियल भी बांधते हैं। श्रद्धालु नारियल पर अपने नाम की पर्ची लगाकर नारियल को बांधते हैं। वहीं, मनोकामना पूर्ण होने पर नारियल को खोलकर प्रसाद चढ़ाते हैं।

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