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Churu News : कुसुम योजना से चूरू किसान की बदली किस्मत, बढ़ी आय

Farmer using solar pump irrigation under PM Kusum scheme in Churu

सौर ऊर्जा पंप से अब दिन में सिंचाई, साल में दो फसल
राजस्थान में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से जोड़ने वाली पीएम कुसुम योजना का सकारात्मक असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है।

चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के अमरसर गांव के किसान मघदास पुत्र दुर्गादास स्वामी इसका उदाहरण बनकर सामने आए हैं।

उन्होंने योजना के तहत सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाकर अपनी खेती की तस्वीर ही बदल दी है।


पहले सिर्फ बरसात पर निर्भर थी खेती

किसान मघदास बताते हैं कि पहले उनके खेत में बिजली कनेक्शन नहीं था

इसके कारण उन्हें बारानी खेती (बरसात पर आधारित) पर ही निर्भर रहना पड़ता था और साल में सिर्फ एक फसल ही ले पाते थे।

पानी की कमी के कारण खेती से होने वाली आय भी बहुत कम थी।


पीएम कुसुम योजना से मिला समाधान

उद्यानिकी विभाग से जानकारी मिलने के बाद मघदास ने पीएम कुसुम योजना (कंपोनेंट-B) के तहत आवेदन किया।

योजना के अंतर्गत उन्होंने 7.5 एचपी का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर ट्यूबवेल से सिंचाई की स्थायी व्यवस्था बनाई।

इस संयंत्र पर उन्हें 60 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान भी मिला।


3 हेक्टेयर जमीन की हो रही सिंचाई

सौर ऊर्जा आधारित पंप लगने के बाद अब मघदास अपने ट्यूबवेल से लगभग 3 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई आसानी से कर पा रहे हैं।

इससे खेतों में पानी की समस्या लगभग खत्म हो गई है और खेती पहले से ज्यादा उत्पादक बन गई है।


अब रात में नहीं जागना पड़ता

मघदास बताते हैं कि पहले सिंचाई के लिए उन्हें रात में खेत पर जाना पड़ता था

लेकिन अब सौर ऊर्जा पंप के कारण दिन में ही आराम से सिंचाई हो जाती है और रात में खेत पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।


अब रबी और खरीफ दोनों फसल

सिंचाई की स्थायी व्यवस्था होने से अब मघदास रबी और खरीफ दोनों मौसम में फसल ले पा रहे हैं।

इसके कारण उनकी खेती से होने वाली आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

मघदास कहते हैं कि
“सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करने से खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।”


किसानों के लिए फायदेमंद योजना

किसान मघदास का मानना है कि कम भूमि और बिजली कनेक्शन की कमी वाले किसानों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी है।

उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने में मदद कर रही हैं।