पीएम सूर्यघर योजना से चूरू में बढ़ी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार
चूरू में सोलर ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत संकल्पना के तहत चल रही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना चूरू जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है।
जिले में अब तक 3571 सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि कुल 7983 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
क्या है पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना?
इस योजना का उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है।
इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बिजली बिल कम होगा और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित की जा सकेगी।
योजना पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा देती है।
सब्सिडी और वित्तीय सहायता
सरकार की ओर से सोलर रूफटॉप सिस्टम पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है।
- 1 किलोवाट तक: ₹30,000
- 1 से 2 किलोवाट: ₹30,000 से ₹60,000
- 2 से 3 किलोवाट: ₹60,000 से ₹78,000
यदि लाभार्थी राज्य सरकार की 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से जुड़ा है, तो उसे अतिरिक्त ₹17,000 की सहायता भी मिलेगी।
साथ ही बैंक से आसान किस्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है।
उपभोक्ता पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, सब्सिडी की स्थिति देख सकते हैं और अनुमोदित वेंडर से सोलर सिस्टम स्थापित करवा सकते हैं।
किस ब्लॉक में कितने सोलर प्लांट?
चूरू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थिति इस प्रकार है:
- बीदासर: 411 आवेदन, 116 स्थापित
- चूरू शहर: 2030 आवेदन, 974 स्थापित
- राजगढ़: 855 आवेदन, 270 स्थापित
- रतनगढ़: 1189 आवेदन, 501 स्थापित
- सरदारशहर: 1348 आवेदन, 647 स्थापित
- सुजानगढ़: 1083 आवेदन, 551 स्थापित
- तारानगर: 1067 आवेदन, 512 स्थापित
कुल 6468 आवेदकों ने वेंडर का चयन भी कर लिया है।
चूरू के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
- बिजली बिल में बड़ी राहत
- अतिरिक्त आय का अवसर
- पर्यावरण संरक्षण में योगदान
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
चूरू जिला अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में बिजली संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
