जिले के 11 विद्यालयों में नवाचार, गतिविधि-आधारित शिक्षण से बढ़ रहा आत्मविश्वास
चूरू, शिक्षा नवाचारों के जरिए जिले में शैक्षिक परिदृश्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की पहल पर शिक्षा विभाग, चूरू द्वारा एफआईए के सहयोग से संचालित ‘प्रगति लैब’ कार्यक्रम सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में 21वीं सदी की आवश्यक दक्षताओं के विकास पर केंद्रित है।
जिले के 11 स्कूलों में संचालित प्रगति लैब
जिले के 11 राजकीय विद्यालयों में प्रगति लैब संचालित हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- राउमावि राणासर
- कुनसीसर
- साडसर
- रिड़खला
- गाजसर
- देपालसर
- ढाढ़रिया बणीरोतान
- आसलखेड़ी
- महात्मा गांधी स्कूल खासोली
- केजीबीवी चूरू
इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के करीब 700 से अधिक विद्यार्थी गतिविधि-आधारित और प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण पद्धति से सीख रहे हैं।
क्या सिखाया जा रहा है प्रगति लैब में?
कम्प्यूटेशनल थिंकिंग
विद्यार्थियों को समस्या समाधान की तार्किक प्रक्रिया, पैटर्न पहचान, एल्गोरिदमिक सोच, डिकम्पोजिशन और क्रमबद्ध विश्लेषण की समझ दी जा रही है।
इससे कोडिंग, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रारंभिक जानकारी विकसित हो रही है।
सोशल इमोशनल लर्निंग
आत्मविश्वास, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और भावनात्मक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एआई व एंटरप्रेन्योरशिप
डिजिटल तकनीक और नवाचार की बुनियादी समझ विकसित कर भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
राउमावि ढाढ़रिया बणीरोतान के विद्यार्थियों से संवाद
राउमावि ढाढ़रिया बणीरोतान के विद्यार्थियों—मनोज, आनंद, पिंकी, सुदरपाल सहित अन्य बच्चों ने बताया कि प्रगति लैब में सीखना बेहद रोचक और व्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि:
- वे कम्प्यूटर चालू करना सीख रहे हैं
- इंटरनेट का उपयोग करना समझ रहे हैं
- चित्र बनाना और अन्य तकनीकी गतिविधियां कर रहे हैं
- समूह कार्य से जटिल विषय भी आसानी से समझ पा रहे हैं
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए वरदान
जिला प्रशासन का मानना है कि प्रगति लैब जैसे नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहे हैं।
यह पहल भविष्य में डिजिटल साक्षरता, नवाचार और उद्यमिता की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
साथ ही राजकीय विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा के विस्तार से नामांकन में भी वृद्धि की उम्मीद है।
