चूरू जिले में राज्य सरकार की प्रसूति सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत साबित हो रही है।
शहर के वार्ड नंबर 2 निवासी श्रमिक प्रमोद नागवान को इस योजना के तहत आर्थिक मदद मिली है।
बेटी के जन्म पर मिली दो किश्तों में राशि
प्रमोद नागवान ने बताया कि वे निर्माण कार्य (मजदूरी) कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं।
उनकी पुत्री दीप्ती के जन्म के बाद उन्होंने योजना में आवेदन किया, जिसके तहत:
- पहली किस्त 5,000 रुपये 7 अक्टूबर 2025 को खाते में आई
- दूसरी किस्त 5,000 रुपये 3 फरवरी 2026 को टीकाकरण पूरा होने पर मिली
प्रसव के बाद देखभाल में मिली मदद
प्रमोद के अनुसार,
“इस आर्थिक सहायता से प्रसव के बाद पोषण, देखभाल और बच्चे के स्वास्थ्य की जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिली।”
सरकार की योजनाएं बन रहीं संबल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाएं श्रमिक वर्ग के लिए मजबूत सहारा बन रही हैं।
यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।
महिला सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा
प्रमोद ने राज्य सरकार और श्रम विभाग का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ‘बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को मजबूती देती हैं।
समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम
प्रसूति सहायता योजना श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा रही है।



