चूरू में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया ने NEET-2026 परीक्षा रद्द होने के फैसले पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।
एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए मंडेलिया ने कहा कि यह देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ किया गया संगठित अपराध है।
“22 लाख छात्रों की मेहनत पर पानी फेरा गया”
रफीक मंडेलिया ने कहा कि देशभर के लाखों छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत की थी।
उन्होंने कहा:
“किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने अपने गहने बेचे, लेकिन बदले में छात्रों को पेपर लीक और भ्रष्ट व्यवस्था मिली।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही ने 22 लाख से अधिक छात्रों के सपनों को तोड़ दिया।
पेपर माफिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और इसकी सजा ईमानदार छात्रों को भुगतनी पड़ती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार पेपर लीक रोकने में सक्षम नहीं है तो शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा।
“युवाओं को फिर मानसिक तनाव में धकेला गया”
मंडेलिया ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र फिर से मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर में पहुंच गए हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि:
“अगर युवाओं का भविष्य मेहनत की बजाय पैसे और पहुंच से तय होगा तो शिक्षा का महत्व खत्म हो जाएगा।”
भाजपा के दावों पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार दावा कर रही थी कि अब पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन वास्तविकता सबके सामने है।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जिस “अमृतकाल” की बात कर रही थी, वह युवाओं के लिए “विषकाल” साबित हो रहा है।




