चूरू, सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 345 के माध्यम से
देश में बढ़ते वायु प्रदूषण (AQI) और चूरू जिले के वनावरण को लेकर
भारत सरकार से ठोस कार्ययोजना पर सवाल किए थे।
सोमवार को संबंधित मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब को
उन्होंने हैरान करने वाला और निराशाजनक बताया।
AQI पर सरकार की नीति पर सवाल
पहले मुद्दे में सांसद कस्वां ने
देश के विभिन्न शहरों में खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)
और उससे निपटने की भविष्य की रणनीति पूछी थी।
सरकार ने जवाब में बताया कि
देश के 122 शहरों को चिन्हित कर
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) लागू किया गया है
इस सूची में राजस्थान के
जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर शामिल हैं।
शेखावाटी के शहर सूची से बाहर क्यों?
सांसद राहुल कस्वां ने सवाल उठाया कि—
जहां उदयपुर जैसे शहरों में प्रदूषण कम रहता है,
उन्हें सूची में शामिल किया गया,
वहीं एनसीआर और पंजाब सीमा से जुड़े
चूरू, सीकर, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़
को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
जबकि इन शहरों में
इस बार AQI 350 के पार चला गया था।
2019 से चला आ रहा NCAP, फिर भी नतीजा शून्य
सांसद कस्वां ने कहा कि
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम 2019 में शुरू हुआ,
लेकिन आज तक
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न वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार दिखा
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न ही किसी तरह की जवाबदेही तय हुई
सरकार आज भी
उसी असफल योजना को दोहरा रही है।
चूरू के वनावरण पर सरकार का जवाब
इसी प्रश्न के तहत सांसद ने
चूरू जिले में वनावरण बढ़ाने को लेकर
केंद्र सरकार की पहल पूछी।
मंत्रालय ने जवाब दिया कि
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चूरू जिले में केवल 0.45% वन क्षेत्र है
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वनावरण बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं
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हरियालो राजस्थान जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं
केंद्र क्यों ले रहा राज्य योजना का सहारा?
सांसद राहुल कस्वां ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा
पर्यावरण जैसे संवेदनशील विषय पर
केंद्र सरकार को राज्य सरकार की योजनाओं का सहारा लेना पड़ रहा है,
यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि
चूरू जैसे जिले जहां
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न्यून वन क्षेत्र
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अनियमित मौसम चक्र
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अत्यधिक सर्दी और गर्मी
जैसी परिस्थितियां हैं,
वहां केंद्र सरकार को विशेष और बड़ा पौधारोपण अभियान चलाना चाहिए।
‘नगर वन’ योजना पर भी उठे सवाल
सरकार ने जवाब में बताया कि—
नगर वन योजना के तहत
चूरू जिले में 140 हेक्टेयर भूमि पर
5 करोड़ रुपये प्लांटेशन के लिए आवंटित किए गए हैं।
इस पर सांसद ने सवाल उठाया
क्या वास्तव में प्लांटेशन हुआ भी है?
या सिर्फ नगर वाटिकाओं में झोंपड़ी निर्माण तक ही योजना सिमट गई?
पर्यावरण को लेकर लापरवाह रवैया
सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि
पर्यावरण और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर
भारत सरकार का यह रवैया बेहद चिंताजनक है।
जब दुनिया के कई देश
पर्यावरण संरक्षण पर निर्णायक कदम उठा रहे हैं,
तब भारत सरकार की
संवेदनहीनता और लापरवाही
देश के लिए खतरे की घंटी है।
