कृष्ण जन्म और भक्त प्रहलाद की कथाओं से गूंजा कथा पंडाल
रतनगढ़ (चूरू) तहसील के छोटड़िया गांव स्थित श्रीकरणी गोरख गौशाला संस्थान में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए।
कृष्ण जन्म प्रसंगों का हुआ वर्णन
कथा वाचक भोले बाबा ने भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा,
“जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि
“यदि व्यक्ति सुख में भी भगवान की भक्ति करे, तो जीवन में संकट नहीं आता।”
अन्य अवतारों की भी सुनाई कथा
कथा के दौरान
- भक्त प्रहलाद
- वामन अवतार
- रामावतार
के प्रसंगों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की आकर्षक झांकी भी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
प्रभात फेरी और पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत में राधा देवी प्रहलाददान चारण ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की।
सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जो गांव के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। ग्रामीणों ने इसका गर्मजोशी से स्वागत किया।
गो सेवा के लिए भेंट राशि
गौशाला समिति के अध्यक्ष सागरमल जोशी ने बताया कि कथा के दौरान गो सेवा के लिए श्रद्धालुओं ने उदारता दिखाई।
- रामस्वरूप उपाध्याय ने 11.51 लाख रुपए
- केशुदान प्रहलाददान चारण ने 1.21 लाख रुपए
- अन्य श्रद्धालुओं ने भी हजारों रुपए की राशि भेंट की
सभी दानदाताओं का मंच से अभिनंदन किया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद
कार्यक्रम में संत राजूदास महाराज, राजकुमार रिणवां सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नानी बाई का मायरा कथा भी हुई
गुरुवार रात आयोजित नानी बाई का मायरा कार्यक्रम में संत विद्यासागर महाराज ने भक्त नरसी के जीवन प्रसंगों का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि कैसे भगवान कृष्ण ने अपने भक्त की मदद कर खिचड़ी को छप्पन भोग में बदल दिया।
