रतनगढ़। लगभग 18 माह पुराने हत्या के मामले में एडीजे कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
एडीजे कोर्ट ने सुनाया फैसला
अपर लोक अभियोजक डॉ. जयाकांत बिंवाल ने बताया कि सितंबर 2024 में दर्ज हत्या के मामले में रामूराम पुत्र लूणाराम निवासी परसनेऊ को दोषी मानते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वहीं सह-अभियुक्त लक्ष्मणराम पुत्र गोगाराम निवासी परसनेऊ को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया।
खेत में हुई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतक रामसिंह पुत्र लूणसिंह सितंबर 2024 में अपने ताऊ के खेत में उनसे मिलने गया था। आरोप था कि उसी दौरान आरोपी वहां पहुंचे और गोली चलने की घटना हुई, जिसमें रामसिंह की मौत हो गई।
घटना के बाद हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
19 गवाह और 49 दस्तावेज बने आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 19 गवाहों के बयान और 49 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
इन साक्ष्यों के आधार पर एडीजे सुरेंद्र कौशिक ने रामूराम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
जुर्माना भी लगाया गया
अदालत ने दोषी रामूराम पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा आरोपी को आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में भी दंडित किया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
“अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया है।” अभियोजन पक्ष
दोषी को भेजा गया जेल
फैसले के बाद दोषी रामूराम को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी लक्ष्मणराम को संदेह का लाभ और पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण बरी कर दिया गया।
मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक डॉ. जयाकांत बिंवाल ने की।





