28 वर्षीय विवाहिता ने कोर्ट के जरिए दर्ज कराया धोखाधड़ी और स्त्रीधन हड़पने का केस
चूरू जिले के रतनगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
28 वर्षीय विवाहिता ने आरोप लगाया है कि उसके पति को जिंदा होते हुए भी मृत दर्शाकर पैतृक संपत्ति हड़पने और उसका स्त्रीधन खुर्दबुर्द करने की साजिश रची गई।
मामले में न्यायालय के माध्यम से इस्तगासा पेश किया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शहर निवासी 28 वर्षीय साबिना पत्नी इमरान ने आरोप लगाया कि उसके पति इमरान अपने ताऊ मोहम्मद फारूक के दत्तक पुत्र हैं।
उसकी शादी 22 अगस्त 2019 को हुई थी।
शादी में मिला स्त्रीधन ससुर मोहम्मद फारूक और सास आबिदा ने अपने पास रख लिया।
आरोप है कि बाद में उन्होंने अपनी बेटी और दामाद के साथ मिलकर उक्त स्त्रीधन को खुर्दबुर्द कर दिया।
पैतृक संपत्ति को लेकर बढ़ा विवाद
परिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद होने पर इमरान अपने पिता मोहम्मद यूनुस और माता जरीना के साथ रहने लगे।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया और जान से मारने की धमकियां दीं।
जबरन हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज का आरोप
इस्तगासे के अनुसार, वर्ष 2023 में आरोपियों ने इमरान को धमकाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए।
वर्ष 2025 में इमरान रोजगार के लिए विदेश चला गया।
पीछे से आरोपियों ने उसे मृत दर्शाते हुए फर्जी कागजात तैयार कर लिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों की सत्यता और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
कानूनी रूप से क्या है अहम?
फर्जी दस्तावेज बनाना और संपत्ति हड़पना आपराधिक मामला है।
जिंदा व्यक्ति को मृत दर्शाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
स्त्रीधन का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है।
