रतनगढ़। जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पेयजल संरचनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। रतनगढ़ क्षेत्र के रतनादेसर और बीनादेसर गांवों में करीब तीन वर्ष पहले निर्मित पानी की टंकियां आज भी शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इसी समस्या को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा।
तीन साल बाद भी नहीं मिला योजना का लाभ
ज्ञापन में बताया गया कि जल जीवन मिशन (आपणी योजना) के तहत गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकियां बिना उपयोग के खड़ी हैं और अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं।
किसान सभा ने प्रशासन के सामने रखी मांगें
किसान सभा तहसील अध्यक्ष कॉमरेड भादर भामू, किसान नेता रामकिशन भामू, विजयपाल कड़वासरा, गिरधारी घिंटाला, श्रवण तथा जाबिर हामूसर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू करवाने की मांग की।
SDM की अध्यक्षता में हुई वार्ता
ज्ञापन सौंपने के बाद उपखंड अधिकारी मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता आयोजित की गई।
बैठक में आपणी योजना के एईएन और एक्सईएन भी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन ने दिए ये आश्वासन
बैठक में अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
प्रमुख बिंदु:
- बीनादेसर से लाछड़सर के बीच गलत तरीके से डाली गई पेयजल लाइन को हटाया जाएगा।
- नई पाइपलाइन सड़क किनारे नियमानुसार बिछाई जाएगी।
- वर्तमान में उपलब्ध दो टैंकरों के स्थान पर चार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
- स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
किसान सभा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान
ज्ञापन कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
इस दौरान चांदखा हरिराजकुमा, राजकुमार गिल, बीनादेसर सरपंच तुलछीराम, केसराराम बेल्ड, डूंगर ब्राह्मण, नानूसिंह रतनादेसर, धनजी भिसू, तोलाराम बेल्ड, उदचंद बेरड़, ओमप्रकाश, श्रीभगवान शर्मा, नीरज शर्मा, मांगीलाल शर्मा, सुभाष शर्मा, मुकेश शर्मा और लालचंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





