चूरू जिले के रतनपुरा गांव में गहराते पेयजल संकट को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को आरएलपी पदाधिकारियों ने पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
पाइपलाइन नहीं बिछने से ग्रामीणों में नाराजगी
आरएलपी नेता विजय पूनिया ने बताया कि गांव में पेयजल पाइपलाइन बिछाने की मांग को लेकर 23 दिसंबर 2025 को प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना और आंदोलन भी शुरू किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक पाइपलाइन का कार्य शुरू नहीं किया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
प्रशासन ने दिया था लिखित आश्वासन
आरएलपी के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को तहसीलदार, सहायक अभियंता और एसडीएम राजगढ़ स्तर पर वार्ता हुई थी। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को एसडीएम की अध्यक्षता में ग्रामीणों और आरएलपी प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 60 दिनों के भीतर पाइपलाइन कार्य शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया गया था।
30 दिन में एक बार मिल रहा पानी
ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा गांव में कुल आठ जोन बनाए गए हैं। इसके कारण प्रत्येक मोहल्ले में लगभग 30 दिनों में एक बार ही पानी की सप्लाई हो पा रही है।
भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
5 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन
आरएलपी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो फिर से बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन में 36 गांवों के लोग शामिल होंगे।
संघर्ष समिति ने की कार्रवाई की मांग
संघर्ष समिति के महासचिव संदीप कपूरिया ने प्रशासन से जनहित में जल्द कार्य शुरू करवाने की मांग की।
इस दौरान राजकुमार फगेड़िया, देवेश चौधरी, जयप्रकाश गोदारा, राकेश गोदारा, दिनेश भांभु सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।





