सरदारशहर। चूरू जिले के सरदारशहर तहसील क्षेत्र के जयसंगसर गांव में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद का समाधान हो गया। करीब पांच वर्षों के संघर्ष और न्यायिक प्रक्रिया के बाद पीड़ित महिला सावित्री देवी पत्नी महेंद्र कुमार मेघवाल को उनकी भूमि का वास्तविक भौतिक कब्जा प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सौंप दिया गया।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था और न्यायिक आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
न्यायालय ने पहले ही दे दिया था फैसला
जानकारी के अनुसार राजस्व न्यायालय सरदारशहर ने 25 जुलाई 2025 को सावित्री देवी के पक्ष में डिक्री पारित कर दी थी।
हालांकि विपक्षी पक्ष के विरोध के कारण करीब एक वर्ष तक महिला को अपनी ही भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया था। इसके चलते मामला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लगातार चर्चा में रहा।
प्रशासन और पुलिस की निगरानी में हुआ कब्जा निष्पादन
5 जून को लगभग चार घंटे तक चले प्रशासनिक और राजस्व संबंधी घटनाक्रम के बाद भूमि पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कार्रवाई जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा और जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के निर्देशों के तहत संपन्न हुई।
उपखंड मजिस्ट्रेट रामकुमार वर्मा ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सकी।
राजस्व टीम ने की पैमाइश और सीमांकन
मौके पर तहसीलदार रतनलाल मीणा और नायब तहसीलदार पवन कुमार अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
राजस्व विभाग की टीम ने:
- भूमि का सीमांकन किया
- पैमाइश प्रक्रिया पूरी की
- कब्जा हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी की
इस दौरान पटवारी और राजस्व कार्मिकों ने तकनीकी कार्यों को अंजाम दिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
विपक्ष की संभावित आपत्ति को देखते हुए थानाधिकारी मदनलाल बिश्नोई के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया गया।
अधिवक्ताओं की भूमिका की हुई सराहना
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता भवदीप भाटी और दिलीपदान चारण की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके कानूनी प्रयासों और प्रशासन के साथ समन्वय के कारण डिक्री का सफल क्रियान्वयन संभव हो सका।
कब्जा मिलने के बाद भावुक हुआ परिवार
भूमि का कब्जा मिलने के बाद सावित्री देवी और उनके परिवार ने राहत की सांस ली।
परिवार ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद उन्हें न्याय मिला है।
ग्रामीणों ने भी इस कार्रवाई को न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करने वाला कदम बताया।





