लोकसभा में शेखावाटी के सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए उठी बड़ी मांग
दिल्ली। चूरू से सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में नियम-377 के अंतर्गत शेखावाटी क्षेत्र के सैनिकों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिले देश को बड़ी संख्या में सैनिक देने वाले क्षेत्र हैं।
‘सैनिकों की धरती’ है शेखावाटी
सांसद कस्वां ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र को देशभर में ‘सैनिकों की धरती’ के रूप में जाना जाता है। यहां के हजारों युवा भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा सेवाओं में कार्यरत हैं, जबकि बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक भी यहीं निवास करते हैं।
अग्निवीर योजना के बाद बढ़ेगी जरूरत
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लागू अग्निवीर योजना के तहत बड़ी संख्या में युवा सीमित समय की सेवा के बाद वापस नागरिक जीवन में लौटेंगे।
ऐसे में उनके लिए पुनर्वास, कौशल विकास और स्थायी रोजगार की व्यवस्था बेहद जरूरी है, ताकि उनके अनुभव और अनुशासन का उपयोग राष्ट्र निर्माण में किया जा सके।
शहीद परिवारों के लिए भी विशेष योजना जरूरी
सांसद ने यह भी कहा कि शहीद सैनिकों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए।
विशेष रूप से शेखावाटी जैसे क्षेत्रों में, जहां सैनिक परिवारों की संख्या अधिक है, वहां समर्पित कौशल विकास केंद्र और रोजगार सहायता कार्यक्रम स्थापित किए जाने चाहिए।
केंद्र सरकार से की ठोस पहल की मांग
राहुल कस्वां ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शेखावाटी क्षेत्र के लिए विशेष पुनर्वास नीति, रोजगार सहायता कार्यक्रम और शहीद परिवार सहायता पैकेज लागू किए जाएं।
