चूरू जिले के सुजानगढ़ कस्बे में हुई नकबजनी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब आरोपी से चोरी गए सामान की बरामदगी और संभावित अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
घर से सोना-चांदी और नकदी हुई थी चोरी
जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद के अनुसार, 3 मई 2026 को सुजानगढ़ निवासी बाबूलाल छिंपा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि उनके घर से अज्ञात चोर सोने-चांदी के गहने और गुल्लक में रखी नकदी चोरी कर ले गया था।
शिकायत के आधार पर सुजानगढ़ थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विशेष टीम का किया गया गठन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह, वृताधिकारी स्वाती तथा थानाधिकारी बेगाराम मीणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
जांच की जिम्मेदारी सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार को सौंपी गई।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया।
इसके साथ ही कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों एवं ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान नदीम उर्फ राजू (19 वर्ष) पुत्र फारूक उर्फ सेठी पलदार निवासी वार्ड नंबर 8, धिंगानिया बास, सुजानगढ़ के रूप में की।
पुलिस ने आरोपी को सुजानगढ़ कस्बे से ही दस्तयाब कर पूछताछ की। जुर्म प्रमाणित होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी का माल बरामद करने का प्रयास जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से चोरी किए गए गहनों और नकदी की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
अन्य चोरी की घटनाओं का भी हो सकता है खुलासा
पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान क्षेत्र में हुई अन्य चोरी और नकबजनी की घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थानाधिकारी बेगाराम मीणा, सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल विक्रम और कांस्टेबल गजेंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते मामले का खुलासा संभव हो सका।





