चूरू के तालछापर अभयारण्य में फूलों से बढ़ी प्राकृतिक सुंदरता
राजस्थान के चूरू जिले में स्थित Tal Chhapar Wildlife Sanctuary पहले से ही ब्लैकबक और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
अब अभयारण्य परिसर में विकसित किया गया रंग-बिरंगे फूलों का गार्डन यहां आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन गया है।
मरूस्थलीय क्षेत्र होने के बावजूद यहां की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
रेंजर की पहल से तैयार हुआ गार्डन
अभयारण्य के रेंजर उमेश बागोतिया ने बताया कि हाल ही में परिसर में एक सुंदर फूलों का बगीचा विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यहां विशेष किस्मों के फूलदार पौधे लगाए गए हैं, जो अभयारण्य की प्राकृतिक खूबसूरती को और निखार रहे हैं।
“यह गार्डन पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है,” रेंजर उमेश बागोतिया ने बताया।
फूलों की क्यारियां बन रही आकर्षण का केंद्र
गार्डन में कई प्रकार के रंगीन और मौसमी फूलों वाले पौधे लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- गेंदा
- गजेनिया
- कैलेंडुला
- गुड़हल
- पैंजी
- आइस प्लांट
- पिटुनिया
- जरबेरा
- होलीहॉक
- डहेलिया
- राखीबेल
- सर्वण चंपा
- निमेशिया
इन फूलों की समान दूरी वाली क्यारियां और डिजाइनर लेआउट गार्डन को बेहद आकर्षक बना रहे हैं।
स्थानीय जलवायु के अनुसार चुने गए पौधे
रेंजर उमेश बागोतिया के अनुसार गार्डन के लिए स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का चयन किया गया है।
इससे ये पौधे कम पानी में भी आसानी से विकसित हो सकें और लंबे समय तक गार्डन की सुंदरता बनाए रखें।
गार्डन में बनाए गए गोल और आकृतिक डिजाइन वाले फूलों के बेड तथा पगडंडियां पर्यटकों को फोटो खींचने के लिए भी आकर्षित कर रही हैं।
ब्लैकबक और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध अभयारण्य
Tal Chhapar Wildlife Sanctuary मुख्य रूप से ब्लैकबक (काला हिरण) और घास के मैदानों के लिए जाना जाता है।
यहां बड़ी संख्या में
- ब्लैकबक
- चिंकारा
- प्रवासी पक्षी
देखे जा सकते हैं।
वन विभाग अब यहां फलदार, फूलदार और औषधीय पौधे लगाकर अभयारण्य की जैव विविधता और सुंदरता को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
