तारानगर। साहवा थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में तारानगर की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने दोनों आरोपियों को 14-14 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
2019 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला साहवा पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर नंबर 66/2019 से संबंधित है। प्रकरण का विचारण सेशन केस नंबर 23/2019 के रूप में अदालत में चल रहा था।
मामले में आरोपी रोशनलाल पुत्र अमीलाल और रमेश कुमार पुत्र हनुमान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने माना दोषी
मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संतोष कुमार मीणा ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया।
अदालत ने उन्हें धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट तथा धारा 8/22 एवं 25 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषसिद्ध मानते हुए सजा सुनाई।
जुर्माना नहीं भरने पर बढ़ेगी सजा
अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रत्येक आरोपी को 1 लाख रुपये का अर्थदंड जमा करवाना होगा।
यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो दोनों आरोपियों को दो वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष ने की पैरवी
मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक पंकज कुमार स्वामी ने की।
अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।
एनडीपीएस मामलों में सख्त संदेश
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है। अदालतों द्वारा ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड दिए जा रहे हैं।





