तारानगर । शहर में हुई मामूली बारिश के बाद एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था की खामियां उजागर हो गईं। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड और अंबेडकर सर्किल से पुलिस थाना मार्ग तक पानी भर गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तालाब जैसे हालात बन गए।
जलभराव के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर जमा हुआ पानी, लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ।
दुकानों के सामने पानी भर जाने से व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं पैदल चलने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है।
हर साल बरसात में बनते हैं ऐसे हालात
व्यापारियों ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होते ही बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
उनका कहना है कि थोड़ी सी बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे व्यापार प्रभावित होता है और ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो जाती है।
“यदि समय रहते प्रभावी जल निकासी व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी मानसून में व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।” स्थानीय व्यापारी
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
नागरिकों का आरोप है कि अलग-अलग समय में विभिन्न सरकारें और जनप्रतिनिधि रहे, लेकिन जलभराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
जलभराव के कारण विद्यालय तक हुआ था प्रभावित
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय को भी वर्षों पहले जलभराव की समस्या के कारण दूसरे स्थान पर संचालित करना पड़ा था।
इसके बावजूद शहर में ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर कोई स्थायी योजना धरातल पर नजर नहीं आई।
मानसून से पहले स्थायी समाधान की मांग
शहरवासियों ने नगर पालिका, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मानसून से पहले व्यापक स्तर पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
लोगों ने नालों की नियमित सफाई, जल निकासी मार्गों के सुधार और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग उठाई है।
आखिर कब मिलेगी राहत?
बारिश के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि आखिर तारानगर के लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत कब मिलेगी।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।





