शिक्षा बचाने और शिक्षक अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
चूरू जिले के रतनगढ़ में राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) उपशाखा का वार्षिक अधिवेशन और कार्यकारिणी चुनाव शिक्षक भवन में उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।
इस अधिवेशन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी रही, जिससे संगठन की मजबूती साफ दिखाई दी।
शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में सरकारी शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों से घिरी हुई है।
- निजीकरण का बढ़ता प्रभाव
- संसाधनों की कमी
- गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव
“इन परिस्थितियों में शिक्षकों का संगठित रहना बेहद जरूरी है।”
संगठन की एकता पर जोर
जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि संगठन की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है, जो सरकार को जनहित में निर्णय लेने के लिए बाध्य कर सकती है।
निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बताया गया।
नई कार्यकारिणी का गठन
अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें:
- भोजराज शर्मा — अध्यक्ष
- बाबूलाल मुंदलिया — कार्यकारी अध्यक्ष
- मुरलीधर अजमेरिया — मंत्री
- पन्नालाल जांघू — कोषाध्यक्ष
सहित कई पदों पर पदाधिकारियों का चयन किया गया।
इसके अलावा विभिन्न पदों पर भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे संगठन को सशक्त स्वरूप दिया गया।
संघर्ष का ऐलान
अधिवेशन में शिक्षकों ने एकजुट होकर:
- शिक्षा बचाने
- शिक्षक अधिकारों की रक्षा
- संगठन को मजबूत बनाने
का संकल्प लिया।
“शिक्षक हितों के लिए अब संगठित संघर्ष किया जाएगा।”
शपथ के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई और नारेबाजी के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।
