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कोचिंग संस्थानों पर सख्ती: पंजीकरण अनिवार्य, फीस नियम तय

सीकर में जिला स्तरीय कोचिंग निगरानी समिति की अहम बैठक आयोजित

सीकर, राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय कोचिंग निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार ने की।

बैठक में कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, फीस स्ट्रक्चर, सुरक्षा, शिकायत निवारण, और विद्यार्थी-अभिभावक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।


अब हर कोचिंग सेंटर के लिए पंजीकरण अनिवार्य

समिति ने स्पष्ट किया कि—

  • जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • कोचिंग की हर शाखा को अलग संस्थान माना जाएगा, और उसका अलग पंजीकरण होगा।
  • बिना पंजीकरण कोई भी संस्थान गतिविधि शुरू नहीं कर सकेगा।

फीस चार किस्तों में, एकमुश्त फीस पर रोक

बैठक में फीस को लेकर बड़े निर्णय लिए गए—

  • कोई कोचिंग संस्थान एकमुश्त फीस नहीं ले सकेगा।
  • अभिभावकों से फीस चार किस्तों में ली जाएगी।
  • पाठ्यक्रम की अवधि के अनुसार ही फीस निर्धारित होगी।
  • कोचिंग छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर अनुपातिक फीस वापसी अनिवार्य होगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा: CCTV और फायर सेफ्टी अनिवार्य

समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए—

  • सभी संस्थानों को अग्निशमन विभाग से वैध फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
  • परिसर में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
  • छात्रों के आवागमन व सुरक्षा से जुड़े आवश्यक रजिस्टर संधारित किए जाएंगे।

भ्रामक विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध

समिति के महत्वपूर्ण निर्देश—

  • मिथ्या व भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
  • राज्य और जिला स्तर पर ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
  • हर कोचिंग में शिकायत एवं सुझाव पेटी लगानी होगी।

विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिकता

अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार ने कहा—

“कोचिंग संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। डिप्रेशन दूर करने और नशा मुक्ति के लिए विशेषज्ञों से समय-समय पर काउंसलिंग करवाई जाए।”

इसके साथ ही—

  • हॉस्टल संचालक और फैकल्टी सदस्य द्विमासिक बैठकें करेंगे।
  • छात्रों को पर्याप्त विश्राम और सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर दिए जाएंगे।

सरकारी शिक्षकों पर रोक और पाठ्यक्रम स्पष्ट करना जरूरी

  • सरकारी सेवार्थ शिक्षक कोचिंग में पढ़ाई नहीं करेंगे
  • कोचिंग सेंटर अपने पाठ्यक्रम, अवधि और सिलेबस छात्रों को स्पष्ट रूप से बताएंगे।

हर दो महीने में समीक्षा बैठक

जिले में कोचिंग संस्थानों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए समिति ने निर्णय लिया कि—

  • जिला स्तरीय बैठक हर दो माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी।

बैठक में शामिल अधिकारी

बैठक में उपस्थित थे—
जिला परिषद CEO राजपाल यादव,
जिला साक्षरता अधिकारी चन्द्रप्रकाश महर्षि,
सहायक निदेशक इंदिरा शर्मा,
समन्वयक राकेश लाटा,
और जिले के सभी प्रमुख कोचिंग प्रतिनिधि।

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