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हस्त-कला कौशल आपके जीवन के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी- राजकुमार रिणवां

राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइडस द्वारा जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन कौशल विकास अभिरुचि, हस्तकला एवं लघु उद्योग शिविर में बालक-बालिकाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के कला कौशल बनाने में प्रदर्शन करने पर सम्मान समारोह रविवार को मारू. रा. बा.उ.मा.विद्यालय में प्रभारी मंत्री एवं देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा के मुख्य आतिथ्य में सम्मन्न हुआ। अध्यक्षता जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल एवं विशिष्ठ अतिथि विधायक सीकर रतनलाल जलधारी रहे। मंच पर स्काउट के डिविजनल मुख्य आयुक्त सांवरमल वर्मा, सहायक संगठन आयुक्त दामोदर प्रसाद शर्मा, श्रीमति अंजू ठकराल, विद्यालय की प्रधानाचार्या विनिता शर्मा, उर्मिला शर्मा, पुरूषोतम सोनी,बनवारीलाल, निलम मिश्रा,ओमप्रकाश पुरोहित, सुरेश लोढा, मुकेश कुमार खडोलिया, मुरारीलाल पारीक ,दामोदर प्रासाद सहित भामाशाहगण उपस्थित थे। जिले के प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवां ने कला कौशल बनाने बालक-बालिकाओं एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभिरूची शिविर में बच्चों ने उत्कृष्ठ कला का प्रदर्शन कर व्यर्थ सामान को धरेलु उपयोगी कला में परिवर्तित कर बहुत अच्छी कलाएं प्रस्तुत की है जो सराहनिय कार्य है। प्रतिभागियों ने अपने हुनर से विभिन्न कलाओं को हाथों से उकेर कर अपना स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आमदनी बढ़ा सकते है साथ ही जीवन के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकेगी। उन्होंने स्काउटस व गाईडस एवं प्रशिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की कला को विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर बच्चों को प्रशिक्षण देवें ताकि युवा वर्ग भी इन कलाओं,परम्पराओं एवं विधाओं को पुनर्जिवित कर सके। उन्होंने शिक्षा में जो नैतिकता आनी चाहिए वह नहीं आ रही अब युवा वर्ग को राष्ट्र के प्रति परम्परागत नैतिक चरित्र में सुधार लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि अभिरूची शिविर में बालक-बालिकाओं ने देश भक्ति से ओत-प्रोत गीतों को सामुहिक नृत्य की प्रस्तुती से भवविभार होकर सभी कलाकारों को प्रशंसा कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने मारू स्कूल के बड़े हॉल में बालक-बालिकाओं द्वारा हस्तकला निर्मित लगी प्रदर्शनी को देख आश्चर्य चकित रह गये। उन्होंने सभी की भूरी-भूरी प्रशंसा कर सभी का मनोबल बढ़ाया।
जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 45 दिवस के ग्रीष्मकालीन कौशल विकास अभिरूची, हस्तकला एवं लघु उद्योग शिविर में विद्यालय की बालिकाओं के साथ शहर की बालिकाओं ने अपने अनुभवों को हस्तकला के माध्यम से सुन्दर ढंग से प्रदर्शित कर नई पहचान बनाई है। उन्होंने बिना निस्वार्थ एवं निःशुल्क सहयोग देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सिमित संसाधनों में 31 प्रकार के विधाओं में लगभग 500 प्रतिभागियों ने हस्तकला का हुनर प्राप्त किया है। आपकी सजगता ने एक से एक प्राचीन बेहतर डिजाइन व खराब सामान का उपयोग कर उत्पादन किया है जिसमें प्लास्टिक बैग पर्यावरण प्रदुषण को रोकने के लिए 17 हजार से अधिक कागज से लिफाफे तैयार किये हैं। उन्होंने कहा कि अभिरूची शिविर में जो सीखा है उससे आत्म-विश्वास बढने से बहुआयामी व्यक्तित्व का विकास हुआ है ये विधाएं जीवन पर्यन्त काम आएगी जो सीखाई गई है उसे दूसरों को भी बताएं। उन्होंने कहा कि स्काउट गाइडस ने जिले भर में सामाजिक सरोकार के एमजेएसए, वृक्षारोपण, सफाई, पर्यावरण प्रदुषण को रोकने आदि सरहानीय कार्य कर रहे है। सीकर विधायक रतनलाल जलधारी ने कहा कि राज्य स्काउट व गाइडस द्वारा जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन कौशल विकास अभिरूची, हस्तकला एवं लघु उद्योग शिविर में विभिन्न प्रकार के हस्तकला उद्योग को नई पहचान मिलेगी। सभी वस्तुएं घर में साज-सज्जा के लिए उपयोग में आएंगी जिससे घर सुन्दर एवं मनोहरी लगने लगेगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं ने समय निकालकर प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक कड़ी मेहनत कर प्रशिक्षकों द्वारा कला कौशल का प्रशिक्षण दिया है। स्काउट के डिविजनल मुख्य आयुक्त सांवरमल वर्मा ने कहा कि सीकर की स्काउटिंग की गतिविधियां पूरे प्रान्त में प्रथम स्थान रखती है,यह एक टीम भावना से कार्य किया जा रहा है जो कि प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यहां कि बालक-बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर दूसरी जगहों पर भी प्रशिक्षण दे रही है। सीओ बसंत लाटा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि 10 मई से अभिरूची एवं कौशल विकास शिविर शुरू हुआ था जिसमें प्रातः 6 से दोपहर तक 60 सदस्य निःशुल्क सेवा देकर निःशुल्क प्रशिक्षण दिया है। जिसमें सिलाई, कठाइ-बुनार्ई, मेंहदी, नृत्य, स्केटिंग, संगीत,आत्म रक्षा के गुर, योग शिक्षा, कगज के लिफापे, नैतिक शिक्षा, नारा लेखन आदि का प्रशिक्षण दिया गया, इसके अलावा तालाब सफाई, जैव विविधता, पोलियो उन्मुलन, परिण्डे लगाना, बाल दिवस, जयन्तियां, जल स्वावलम्बल, रैलियां, जिला प्रशासन के कार्यक्रमों में सहयोग आदि कार्य करवाये जाते है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी लोगों को देखने के लिए दिन में खुली रहेगी। विनिता शर्मा ने बताया कि अभिरूची शिविर के दौरान विद्यालय के हॉल में बालिकाओं ने बढ-चढ कर हिस्सा लिया है उन्होंने हर वस्तु को मूर्त रूप दिया है यहां बच्चों ने लगातार मेहनत कर बनाई गई आकर्षक वस्तुओं को अनवरत रूप सजाया गया है। सम्मान समारोह में परम्परागत वेशबूषा में सजी बालिकाओं ने मंगलबेला नृत्य की सुन्दर प्रस्तुती दी, अंकित अवस्थी की टीम ने धरती सुनहरी अम्बर नीला का सामुहिक नृत्य ने सब का मनमोह लिया। अतुल दाधीच ने सर्वधर्म एकता पर ‘हिन्दु-मुस्लिम मां तुझे सलाम‘, श्याम टीम ने “लीलण सिगारणी” के सामुहिक नृत्य ने मनमोहक प्रस्तुती ने सब का मन मोह लिया। अतिथियों ने अभीरूची शिविर में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई उनमें सभी विधाओं में विजेताओं को, निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने वाले एवं शिविर का समाचार पत्रों में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मिडिया कर्मियों, भामाशाहों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्काउट व गाइडस द्वारा अतिथियों का स्कार्फ व साफा बांधकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

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