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जब शिक्षा के मंदिर बंद हैं तो आप किस बात के शिक्षा मंत्री- हेमलता शर्मा

प्राइवेट स्कूल लूट नहीं रहे खुद लुट रहे हैं – डॉ दिलीप मोदी

प्रेस वार्ता में फूटा शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति का आक्रोश

झुंझुनू, जब शिक्षा के मंदिर खुले नहीं है तो आप किस बात के शिक्षा मंत्री आपको भी पद त्याग देना चाहिए यह कहना है शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति राजस्थान की संयोजक हेमलता शर्मा का । वह आज मंगलवार को झुंझुनू के एक निजी रिसोर्ट में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी । हेमलता शर्मा ने कहा कि हम बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस देकर पढ़ाई करवा रहे हैं और शिक्षा मंत्री कहते हैं स्कूल खुली नहीं तो किस बात की फीस, तो हम भी पूछना चाहते हैं इधर सरकारी स्कूलों के अंदर बच्चे नहीं जा रहे हैं तो किस बात की सैलरी, जब शिक्षा के मंदिर बंद हैं तो आप किस बात के शिक्षा मंत्री आपको भी शिक्षा मंत्री के पद से त्याग दे देना चाहिए और जब स्कूल खुले तब आप शपथ लें हम आपके कार्यक्रम में आएंगे । उन्होंने कहा निजी स्कूल संचालक और शिक्षक मर रहे हैं और आप होटलों में ऐश कर रहे हैं । हम भी बच्चे पढ़ा रहे हैं कोई पाकिस्तानी नहीं है । उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से तीन प्रमुख मांगे हैं शिक्षा मंत्री का जो बेतुका बयान आया है जो कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट के अंतर्गत भी आता है उस बयान को वापस लिया जाए । स्कूलों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और जो अभिभावक सक्षम है उनको छोड़कर सरकार अन्य अभिभावकों को राहत पैकेज प्रदान करें । तीसरी मांग है कि स्कूलों का जो आरटीई के अंतर्गत पिछले 3 सालों का पैसा बकाया है उसको ब्याज सहित स्कूलों को चुकाया जाए । इन सभी मांगों को लेकर आज शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए संयोजक ने कहा कि पूरे 33 जिलों में हम जाएंगे इसी के अंतर्गत आज झुंझुनू जिला हमारा 21 वां जिला है ।संपूर्ण राजस्थान के स्कूल संचालकों में इस बात को लेकर आक्रोश है । हमारे नो निजी स्कूल संचालक इस दौरान आत्महत्या कर चुके हैं । यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो पूरे प्रदेश के 38 हजार निजी स्कूल संचालक और उन में काम करने वाले 11 लाख शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी सड़कों पर उतर आएंगे इसकी सारी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की होगी । वही संघर्ष समिति के संरक्षक डॉ दिलीप मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूल वाले लोगों को लूट नहीं रहे हैं इस समय खुद लुट रहे हैं । हमारा शिक्षक सब्जी बेच रहा है नरेगा में मजदूरी कर रहा है । 14 साल तक फ्री और अनिवार्य शिक्षा जो सरकार को देनी चाहिए वह कार्य हम कर रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से हमें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है । एक तरफ तो सरकार ने अभिभावकों से फीस देने पर रोक लगा दी है वहीं कर्मचारियों को इस दौरान निजी स्कूलों को सैलरी देने के लिए कहा जा रहा है शिक्षा मंत्री का यह बेतुका और विरोधाभासी बयान है । इस अवसर पर संपूर्ण राजस्थान के अभियान में संयोजक हेमलता शर्मा के साथ श्रीमती सीमा, हरभान सिंह भरतपुर सहित अनेक निजी स्कूल संचालक उपस्थित रहे ।

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