सीकर स्थित ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को वार्षिकोत्सव “सारंग” का आयोजन सिल्वर जुबली हॉल में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और छात्रा सशक्तिकरण की झलक देखने को मिली।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनिल महला (राजस्व अपील अधिकारी, आरएएस) रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान अध्यक्ष झाबरमल ने की।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. के. सी. मील, सरिता कुमारी, रणवीर सिंह पूनिया एवं प्रो. शिवनाथ सिंह भड़िया उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन और वार्षिक प्रतिवेदन
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
संस्थान अध्यक्ष झाबरमल ने स्वागत भाषण दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुशीला पुनिया ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी।
शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न हो—अनिल महला
मुख्य अतिथि अनिल महला ने कहा
शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि छात्राओं के व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित होना चाहिए।
उन्होंने समूह गतिविधियों, प्रश्नोत्तर प्रक्रिया और नेतृत्व विकास पर जोर देते हुए कहा कि इससे आत्मविश्वास, सहयोग और समन्वय क्षमता विकसित होती है।
आत्मनिर्भर बनने का संदेश
विशिष्ट अतिथि डॉ. के. सी. मील ने छात्राओं के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा
सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और फिट रहने पर भी जोर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लूटा दिल
छात्राओं द्वारा प्रस्तुत
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महाभारत आधारित नृत्य-नाटिका,
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योगा प्रस्तुति,
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हरियाणवी नृत्य
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रतिभाशाली छात्राओं का सम्मान
शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को नकद पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के लिए उदार सहयोग
इस अवसर पर
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अनिल महला ने विद्यालय लाइब्रेरी के लिए 50 पुस्तकें और ₹11,000 भेंट किए।
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डॉ. के. सी. मील ने ₹1,01,001 की आर्थिक सहायता दी।
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रणवीर सिंह पूनिया ने ₹51,000 का सहयोग प्रदान किया।
सफल संचालन
कार्यक्रम का संचालन जीजीए प्रधानाचार्य सुरेन्द्र सिंह एवं विद्यालय की छात्राएं शुभ्रा और दिव्यांशी ने प्रभावी ढंग से किया।
