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सीकर के प्रिंस स्कूल में जश्न का माहौल

राजस्थान बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कला परीक्षा परिणाम में प्रिंस स्कूल का छात्र मुकेश ने 97.40 प्रतिशत अंक हासिल किये है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्येक जिले से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मुकेश के अंक राजस्थान में सर्वोच्च है। गत वर्ष राजस्थान टॉपर के 95.80 प्रतिशत अंक रहे हैं। मुकेश ने राजनीति विज्ञान एवं भूगोल जैसे विषयों में 100 में से 99 अंक हासिल किए हैं। मुकेश की सफलता की कहानी भी अद्भुद है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद मुकेश ने पीसीपी (प्रिंस) कोचिंग में कक्षा 11वीं आईआईटी फाउण्डेशन कोर्स में प्रवेश लिया। एक वर्ष बाद 12वीं में मुकेश ने अपना विषय बदलने का निर्णय किया। मुकेश का कहना है कि मुझे देश में सबसे कम उम्र में आईएएस अधिकारी बनना है। यदि में आईआईटी से चार वर्षीय बी.टेक कोर्स करके आईएएस बनता हूँ तो मेरी उम्र 22 वर्ष की होगी। अत: मैंने डीयू से तीन वर्षीय स्नातक डिग्री हासिल कर 21 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र में आईएएस बनने का मेरा सपना है। मुकेश ने भविष्य में आईएएस बनने की रूपरेखा अभी से तैयार कर रखी है। गत वर्षों की भारतीय प्रशासनिक सेवा के टॉपर्स के लिखित परीक्षा में अंक, इंटरव्यू में अंक, शैक्षणिक पृष्ठभूमि आदि सभी के डाटा मुकेश को मौखिक याद है। मुकेश ने कभी पर्सनल मोबाइल नहीं रखा। मुकेश का कहना है कि विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से यथासम्भव दूरी रखनी चाहिए। एक ओर विशेष तथ्य यह है कि मुकेश ने राजस्थान बोर्ड टॉप करने के उद्देश्य से हॉस्टल से छह माह तक छुट्टी नहीं ली, लेकिन परीक्षा से ठीक पूर्व गले में गांठ के कारण डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन करने की सलाह दी। इस सलाह पर मुकेश ने परीक्षा से ठीक तीन दिन पूर्व हॉस्टल से अपने घर जाकर गले की गांठ का ऑपरेशन करवाकर परीक्षा से ठीक एक दिन पूर्व वापस हॉस्टल ज्वाइन की। इस विकट परिस्थिति के बावजूद भी मुकेश के हौंसले बुलंद रहे एवं अपनी पूर्ण क्षमता के साथ बोर्ड परीक्षा दी। परीक्षा के बाद मुकेश से जब भी अंकों के बारे में पूछा जाता तो मुकेश का तपाक से उत्तर होता कम से कम भी मानें तो 97-98 प्रतिशत तो आ ही जाएंगे। मुकेश मूलत: नयागांव, पाली से है। मुकेश के पिता हनुमान राम कृषक है जबकि माता प्रेम देवी गृहणी है। दो वर्षों से मुकेश प्रिंस, सीकर के छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रहा है। मुकेश का कहना है कि कला संकाय में राजस्थान बोर्ड में अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें उपलब्ध नहीं थी। अत: स्वाध्याय में कठिनाई हुई लेकिन शिक्षकों द्वारा बनवाए गए नोट्स से विषय का प्रत्येक पहलू स्पष्ट हो गया। संस्था निदेशक जोगेन्द्र सुण्डा एवं चेयरमैन डॉ. पीयूष सुण्डा के अनुसार उच्च अंक जोडऩें में कठिन माने जाने वाले कला संकाय में प्रिंस स्कूल के 13 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये है। विद्यार्थियों की शानदार सफलता पर प्रिंस स्कूल में जश्न का माहौल रहा। प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

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