UPSC Success Story: यूपीएससी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल बड़े पैमाने पर बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इस परीक्षा को पास करना बेहद ही मुश्किल होता है। कई ऐसे बच्चे हैं जो इस कठिन परीक्षा को पास करके सफलता रच देते हैं।
आज हम आपके गांव की रहने वाली एक लड़की के बारे में बताएंगे जिसने यूपीएससी का सपना देखा तो लोगों ने उसका मजाक उड़ाया लेकिन दादा के सहयोग से वह लड़की कलेक्टर बन गई। तो आईए जानते हैं बिहार के एक छोटे से गांव की रहने वाली लड़की की कहानी।
बिहार के छोटे से गांव की रहने वाली प्रिया रानी ने रचा इतिहास
प्रिया रानी बिहार के फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव की रहने वाली है। उनका परिवार बेहद साधारण बैकग्राउंड से आता है और लड़कियों के पढ़ाई को लेकर रूढ़िवादी सोच भी है। यहां के लोगों का मानना था की लड़कियों को ज्यादा पढ़ना लिखना नहीं चाहिए लेकिन प्रिया के दादाजी ने इस सोच को बदल कर रख दिया और उन्होंने प्रिया को बेहतर पढ़ाई के लिए पटना भेजा जहां वह किराए के एक छोटे से कमरे में रहकर पढ़ती थी।
कॉर्पोरेट जॉब छोड़ यूपीएससी की राह चुनी
प्रिया रानी शुरू से ही पढ़ने में तेज थी और उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस रांची से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में बीटेक किया इसके बाद बेंगलुरु में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। उन्हें अच्छी सैलरी मिल रही थी लेकिन वह यूपीएससी करना चाहती थी।
प्रिया के नौकरी छोड़ने से खुश नहीं था परिवार
प्रिया रानी ने जब नौकरी छोड़ी तो उनका परिवार खुश नहीं था और उनका विरोध भी किया गया लेकिन उनके दादा ने उनका पूरा साथ दिया। दादा के सहयोग से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
पहले प्रयास में बन गई आईएएस ऑफिसर
प्रिया रानी ने अनुशासन और कठिन संघर्ष किया जिसके बाद साल 2023 में ऑल इंडिया में उन्हें 69वी रैंक हासिल हुई। प्रिया की सफलता उन लड़कियों के लिए मिसाल है जो मुश्किलों से लड़ रही हैं।
