UPSC Success Story : देश में हर साल लाखों की संख्या में बच्चे UPSC की परीक्षा देते हैं लेकिन इस परीक्षा को पास महज कुछ बच्चे ही कर पाते हैं। कई ऐसे बच्चे हैं जो मुश्किलों के आगे हार जाते हैं वहीं कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो मुश्किलों से लड़ते हुए कठिन से कठिन मंजिल को प्राप्त कर लेते हैं।
आज हम आपको पूजा गुप्ता की कहानी बताएंगे जिन्होंने कठिन संघर्ष कर यूपीएससी जैसे परीक्षा को पास कर दिखाया। उन्हें ऑल इंडिया में 42 व रैंक मिला। पूजा गुप्ता साल 2020 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी।
सबइंस्पेक्टर की बेटी बनी IAS
पूजा गुप्ता की मां रेखा गुप्ता दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चा अपने माता-पिता को देखकर जितना सीखता है उतना जिंदगी का तजुर्बा भी उसे नहीं सीख पाता। पूजा गुप्ता भी अपनी मां की तरह वर्दी पहन कर दे इसका सेवा करना चाहती थी। यही वजह है कि उन्होंने पहले आईपीएस का सपना पूरा किया और इसके बाद वह आईएएस ऑफिसर बन गई। पूजा के पिता एक प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी करते हैं।
मां की तरह वर्दी पहनने का था बचपन से सपना
पूजा गुप्ता ने 12वीं के बाद मेडिकल की पढ़ाई की लेकिन वह अपने मन की तरह वर्दी पहन कर देश की सेवा करना चाहती थी। उन्होंने पहली बार में यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया।
साल 2018 में वह 147 वां रैंक पाकर आईपीएस ऑफिसर बन गई। इसके बाद उनके दादा चाहते थे कि उनकी पोती आईएएस ऑफिसर बने इसके लिए उन्होंने दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी। साल 2020 में उन्होंने दोबारा यूपीएससी की परीक्षा पास की और इस बार वह आईएएस ऑफिसर बन गई।
पुरा की माँ का सपना
पूजा गुप्ता ने बताया कि वह एनसीईआरटी की किताब और अखबारों को गहराई से पढ़ती थी। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि कैंडीडेट्स हिम्मत हारने लगते हैं और उनके साथ भी ऐसा हुआ लेकिन उन्होंने हिम्मत जुटा और अपनी पढ़ाई जारी रखी। कठिन संघर्ष के बदौलत पूजा गुप्ता आईएएस ऑफिसर बन गई।
