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सिलेक्शन नहीं होने तक शादी ना करने का लिया प्रण, 8 बार मेंस में हुई फेल, कठिन परिश्रम से बुंदेलखंड की बेटी बनी DSP

 
Success story

DSP Success Story: हर इंसान का सपना होता है वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करें। सपना बस देखने भर से सच नहीं होते बल्कि कठिन परिश्रम करना पड़ता है। कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जो जब तक सपना पूरा नहीं होता तब तक हार नहीं मानते। आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की की कहानी बताएंगे जिसने 9 साल कठिन तपस्या करके डीएसपी बनने का सपना पूरा किया 

 

 छोटे से कस्बे में हुआ जन्म 

 मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के छोटे से कस्बे लवकुश नगर की रहने वाली मयंका बचपन से पढ़ने में तेज थी। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद भोपाल के बंसल कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

 2016 में शुरू की सिविल सर्विस की तैयारी 

 

 इंजीनियरिंग करने के बाद मयंका ने 2016 में सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। शुरुआती के दिनों में तो उन्हें प्रीलिम्स में भी सफलता नहीं मिली लेकिन बाद में उन्हें कई बार मेंस में सफलता मिली। हालांकि दौरान उनके परिवार उनका पूरा सपोर्ट करता था।

 

 2020 में फाइनल लिस्ट से हुई बाहर

 2019 और 2020 में मयंका का फाइनल लिस्ट तक तो पहुंची लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। 2021 में उन्होंने दोबारा दोगुनी मेहनत के साथ तैयारी शुरू की हालांकि कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से उन्हें मैंस की परीक्षा छोड़नी पड़ी। उन्होंने ठान लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए वह जब तक सफल नहीं होती शादी नहीं करेगी।

 आठ बार मेंस और तीन बार इंटरव्यू में फेल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी लेकिन 2025 में उन्हें सफलता मिली। 9 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मध्य प्रदेश पीसीएस परीक्षा में 10 वां रैंक मिला और वह डीएसपी बन गई। मायंका की कहानी हमें बताती है कि अगर हम ठान ले तो हमारे लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है।