मुंबई (अनिल बेदाग) मुंबई से सामने आई खबर के अनुसार चाहत खन्ना इन दिनों होलिस्टिक हीलिंग और आत्म-जागरूकता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
तेज़ रफ्तार जिंदगी और बाहरी सफलता के बीच उन्होंने अब भीतरी संतुलन को प्राथमिकता दी है।
योग और आयुर्वेद से संतुलन की खोज
चाहत खन्ना योग, आयुर्वेद, न्यूमरोलॉजी और ऊर्जा संतुलन जैसे अभ्यासों को अपना रही हैं।
उनका मानना है कि:
- हर व्यक्ति की आंतरिक संरचना अलग होती है
- इसलिए हीलिंग भी व्यक्तिगत होनी चाहिए
क्या कहती हैं चाहत खन्ना?
चाहत खन्ना ने अपनी इस यात्रा को लेकर कहा:
“एक समय ऐसा आता है जब सब कुछ सही होने के बावजूद भीतर खालीपन महसूस होता है। यह यात्रा मुझे अपनी लय समझने में मदद कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि अब उनके लिए संतुलन कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक अवस्था बनता जा रहा है।
बदलती वेलनेस की परिभाषा
आज के दौर में वेलनेस केवल फिटनेस तक सीमित नहीं रह गई है।
अब इसमें शामिल हैं:
- मानसिक शांति
- भावनात्मक संतुलन
- आंतरिक जागरूकता
चाहत खन्ना की यह पहल इसी बदलती सोच को दर्शाती है।
क्यों खास है यह यात्रा?
उनकी यह यात्रा सिर्फ एक सेलेब्रिटी ट्रेंड नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए प्रेरणा है:
- जो खुद को समझना चाहते हैं
- जो भीतरी शांति की तलाश में हैं
