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आत्मरक्षा के लिए कौशल के साथ-साथ हौसला जरूरी

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में चल रहा छह दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण संपन्न

चूरू, जिला मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास लेवल थर्ड में में चल रहे छह दिवसीय गैर आवासीय महारानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के समूह एक और दो के शिविर रविवार को संपन्न हुए। 20 दिसंबर से 54 महिला शारीरिक शिक्षकों का आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। समापन अवसर पर जिला किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एडवोकेट रामेश्वर प्रसाद प्रजापत ने बाल अपराध एवं पोक्सो कानून की विस्तृत जानकारी से प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। कार्यक्रम अधिकारी समसा अर्जुन सिंह राठौड़ ने प्रतिभागियों को विद्यालय में जाकर कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को प्रशिक्षण देने एवं आंतरिक व्यवस्था संचालन के गुर बताए। राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में 20 छात्राओं का ट्रूप बनाना है। ट्रूप में एक टूप लीडर नियुक्त करना है और प्रत्येक विद्यालय को मिलने वाली अनुदान राशि का उपयोग कैसे करना है, ये भी बताया।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बजरंग लाल सैनी ने आज के दौर में महिलाओं की वेशभूषा के बारे में एवं विज्ञापनों, सिनेमा एवं टीवी धारावाहिक में प्रस्तुत की जा रही अश्लीलता से अवगत करवाया और कहा कि इन सब चीजों क लड़कियों एवं महिलाओं को विरोध करना चाहिए। टीवी पर चलने वाले धारावाहिक के प्रति भी सचेत किया और स्वयं के बच्चों एवं छात्र छात्राओं को भारतीय परंपरागत वेशभूषा पहनने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें अपने आप को एक आदर्श माता एवं शिक्षिका के रूप में प्रस्तुत करना होगा। आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रभारी अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खालिद तुगलक ने बच्चों एवं विद्यालय की छात्र छात्राओं को मोबाइल एवं नेट के इस्तेमाल से सचेत करने की बात कही। उन्होंने मोबाइल पर वीडियो गेम एवं नेट के गलत उपयोग के बारे में चेताया और कहा कि छात्र-छात्राओं को तभी मोबाइल एवं नेट का इस्तेमाल करने दें, जब आप स्वयं उनके पास हो। वर्तमान युग में बढ़ रहे अपराधों में मोबाइल की भूमिका अहम है, अतः बच्चों एवं विद्यार्थियों को इनसे दूर रखा जाए। इस दौरान राउमावि लाखाऊ के 5 वर्षीय छात्र चैतन्य टुहानिया ने महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता कृष्ण की चेतावनी अपनी ओजस्वी वाणी एवं हाव-भाव के साथ प्रस्तुत की, जिसे समस्त उपस्थित लोगों ने सराहा। कैंप प्रभारी राजेंद्र पूनिया, रेखा मीणा व्याख्याता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। केआरपी शारदा बेनीवाल, मंजू पूनिया, नीलकमल एवं सुरेखा मीणा, सुशीला सारण, कृष्णा ने आयोजकीय भूमिका निभाई भूमिका निभाई एवं प्रतिभागियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

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