सीकर जिले के पिपराली क्षेत्र में संचालित निडी ब्रिज महिला अनाथ आश्रम पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। आश्रम के बिना मान्यता और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में संचालन की सूचना मिलने पर जांच की गई।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर की सचिव शालिनी गोयल के नेतृत्व में गुरुवार को आश्रम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आश्रम की किसी भी प्रकार की वैधानिक मान्यता नहीं पाई गई।
सचिव के निर्देश पर संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें शामिल रहे—
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राजेन्द्र चौधरी, उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग
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प्रियंका पारीक, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
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गार्गी शर्मा, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई
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अंकुर बहड़, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
22 महिलाएं और 2 बच्चे मिले आश्रम में
संयुक्त कार्रवाई के दौरान आश्रम में 22 महिलाएं और 2 छोटे बच्चे पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाएं मानसिक विमंदित श्रेणी की हैं, जिनके लिए विशेष देखभाल आवश्यक है।
आश्रम संचालक का दावा
आश्रम संचालक ने बताया कि आश्रम में रह रही महिलाओं और बच्चों को पुलिस विभाग द्वारा सुपुर्द किया गया था, जबकि कुछ को आश्रम द्वारा रेस्क्यू कर लाया गया। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में प्रवेश
सचिव शालिनी गोयल ने निर्देश दिए कि सभी महिलाओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में प्रवेश दिलाया जाए। साथ ही, सभी आवासियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से करवाने के आदेश दिए गए हैं।
