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चारागाह भूमि पर पट्टे देने के फैसले को निरस्त कराने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

कामधेनु सेना व गौ सेवकों ने तहसीलदार विपुल चौधरी के मार्फत भेजा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

दांतारामगढ़, [प्रदीप सैनी ] प्रदेश सरकार के द्वारा कैबिनेट बैठक में चारागाह भूमि पर 30 वर्षों से अतिक्रमण कर रहने वाले परिवारों को पट्टे देने का फैसला लिया गया था। शुक्रवार को दांतारामगढ़ में कामधेनु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह राठौड़, प्रदेश महासचिव चंद्र प्रकाश शास्त्री, जिलाध्यक्ष भरत सांखला के नेतृत्व में सरकार द्वारा गोचर भूमि पर पट्टे देने के फैसले को निरस्त करने की मांग को लेकर तहसीलदार विपुल चौधरी के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कामधेनु सेना के प्रदेश महासचिव चंद्र प्रकाश शास्त्री एवं सीकर जिला अध्यक्ष भरत सांखला ने संयुक्त रूप से बताया कि कामधेनु सेना एवं गो सेवकों के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें सरकार द्वारा गोचर भूमि पर 30 वर्षों से कब्जा करके रहने वाले लोगों को पट्टा देने की फैसले को निरस्त करने की मांग की गई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने गोचर भूमि पर पट्टा देने का जो आदेश जारी किया है वह गोवंश एवं गो सैनिकों का अपमान है, सरकार के इस फैसले के कारण प्रदेश में अतिक्रमणकारियों के हौसले काफी बुलंद होंगे और गाय जिसे हम गौ माता के दर्जे से पूजा करते हैं वह सड़कों पर आ जाएंगी। उन्होंने बताया कि वैसे ही कई असामाजिक तत्वों द्वारा गौ माता को प्रताड़ित किया जा रहा है जिसकी वजह से लाखों की संख्या में गोवंश इधर उधर सड़कों पर भटकने को मजबूर है और सरकार के इस फैसले के बाद तो हालात और भी ज्यादा गंभीर हो जाएंगे। जिलाध्यक्ष भरत सांखला ने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश के हितार्थ कई अच्छे कार्य कर रही है लेकिन सरकार का यह फैसला गोवंश के हित में नहीं हैं। जहां एक और लाखों गौ भक्त बिना किसी लालच एवं निस्वार्थ भाव से गोचर भूमि को प्रशासन के सहयोग द्वारा अतिक्रमण से छुड़ाने के कार्य में प्रयासरत है लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद सभी गौ भक्तों हताश हो गए हैं। इसलिए समस्त कामधेनु सेना के सैनिकों एवं प्रदेश के समस्त गो भक्तों की ओर से प्रदेश सरकार से मांग की जाती है कि अतिकर्मियों को लाभ पहुंचा कर गौ माता को नुकसान पहुंचाने वाले इस फैसले को निरस्त करे। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले को नहीं किया जाता है तो प्रदेश के समस्त गो सेवकों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। इस दौरान दांतारामगढ़ गौशाला अध्यक्ष शंकरलाल मोहनपुरिया, सनातन धर्म प्रचारक विपिन वैष्णव, गो सेवक विमल नागोरा, खेताराम कुमावत, पिंटू पौदार, लालचंद सैनी, राकेश सोनी, दीपक सोनी सहित अनेक गौ भक्त मौजूद रहे।

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