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Jhunjhunu: ‘गिव अप’ अभियान: अपात्रों के लिए आखिरी मौका

अपात्र परिवारों को 31 दिसंबर 2025 तक स्वैच्छिक नाम कटवाने का अंतिम मौका

झुंझुनूं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के अपात्र लाभार्थियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘गिव अप’ अभियान के तहत 31 दिसंबर 2025 तक स्वैच्छिक रूप से अपना नाम हटाने का अंतिम मौका दिया जा रहा है।


क्यों चलाया जा रहा है ‘गिव अप’ अभियान?

विभाग द्वारा चल रहे अपात्र राशन कार्डों की छंटनी और सत्यापन अभियान के तहत हजारों कार्ड चिन्हित किए जा रहे हैं।
इसलिए अपात्र परिवारों को स्वयं नाम हटाने का अवसर दिया गया है, ताकि भविष्य में कड़ी कार्रवाई से बचा जा सके।


कौन-कौन है अपात्र? (27.09.2018 अधिसूचना के अनुसार)

निम्न में से कोई भी मापदंड परिवार पर लागू होने पर NFSA में अपात्र माना जाएगा:

  • परिवार में कोई सदस्य आयकर दाता हो
  • कोई सदस्य सरकारी/अर्ध-सरकारी/स्वायत्तशासी संस्था में सेवा कर रहा हो
  • वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो
  • परिवार के पास चार पहिया वाहन हो
  • ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफीट या शहरी क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से बड़ा स्वयं का आवास
  • सभी सदस्यों की कुल कृषि भूमि, लघु कृषक की सीमा से अधिक हो

आवेदन कैसे करें?

अपात्र परिवार दो तरीकों से नाम हटवा सकते हैं:

  1. ऑनलाइन आवेदन कर ‘गिव अप’ के तहत नाम हटाना
  2. नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करवाना

6 महीने तक गेहूं नहीं लेने पर स्वतः नाम कटेगा

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लाभार्थी NFSA का गेहूं लेना बंद कर चुके हैं,
लेकिन नाम नहीं कटवाते—उन्हें 6 महीने तक लगातार गेहूं न लेने पर स्वतः योजना से बाहर कर दिया जाएगा


न नाम हटाया, न पात्रता साबित — तो होगी वसूली

सत्यापन के दौरान कई राशन कार्डों की जानकारी उचित मूल्य दुकानदारों को भेजी जा रही है।
यदि अपात्र परिवार स्वयं नाम नहीं हटाते, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए—

₹30.57 प्रति किलो की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी।


अधिकारियों का बयान

विभाग के एक अधिकारी ने बताया:
“यह अंतिम अवसर है। अपात्र लाभार्थी समय पर अपना नाम हटाकर भविष्य की सज़ा और वसूली से बच सकते हैं।”


सुझाव: समय रहते नाम हटवाएं

विभाग ने फिर दोहराया है कि यह झुंझुनूं जिले के सभी अपात्र परिवारों के लिए अंतिम चेतावनी है।
प्रक्रिया सरल है और ई-मित्र केंद्र पर सहायता आसानी से उपलब्ध है।