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जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वालों को सरकार ने दी राहत

वैश्विक महामारी कोविड 19 के चलते

झुंझुनू, वैश्विक महामारी कोविड 19 के चलते लगाए गए लॉक डाउन/कर्फ्यू के दौरान जिनका जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र का रजिस्टेªशन नहीं हो पाया है, उन्हें राज्य सरकार की ओर से राहत दी गई है। सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक बाबूलाल रैगर ने बताया कि जन्म व मृत्यु की घटना का 21 दिवस में पंजीयन करवाया जाना अनिवार्य है तथा 21 दिवस के बाद विलम्ब शुल्क एक रूपया लेकर रजिस्ट्रार द्वारा पंजीयन किया जाता है। लॉक डाउन लागू है, ऐसी स्थिति में राजकीय/निजी चिकित्सालयों, श्मशानों, कब्रिस्तानों से सूचना प्राप्त नहीं होने के कारण निर्धारित अवधि 21 दिवस में पंजीयन नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में लॉक डाउन/कर्फ्यू लागू होने की तिथि के दौरान जन्म/मृत्यु की घटनाएं हुई है तथा पंजीयन निर्धारित तिथि में नहीं किया गया है उन्हें शिथिलता प्रदान की गई है। उनका विलम्ब शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह शिथिलता लॉकडाउन/कर्फ्यू लागू होने की अवधि से 21 दिवस पूर्व तथा लॉकडाउन/कर्फ्यू समाप्त होने की अवधि से 21 दिवस बाद तक ही मान्य रहेगी सहायक निदेशक रैगर ने बताया कि सरकार ने आमजन को सुरक्षा देने के लिए यह निर्णय लिया है, इससे संबंधित व्यक्ति को अनावश्यक सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे। समय व धन की बचत होगी तथा प्रार्थी सीएचसी, पीएचसी तथा जहां घटना हुई है, वहीं से प्रमाण पत्र जारी करवा सकेगा। रैगर ने बताया कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जहां पर जन्म और मृत्यु की घटना होती है उसके 21 दिवस तक उस स्थान से निःशुल्क बनाया जा सकता है। 21 दिवस से 30 दिवस की अवधि में एक रूपया विलम्ब शुल्क देकर बनवाया जा सकता है, लेकिन 30 दिवस से अधिक का समय होने पर सक्षम अधिकारी से अनुज्ञा जारी करवा कर ही प्रमाण पत्र जारी करवाया जा सकता है। सभी पीएचसी व सीएचसी को 21 दिवस तक ही प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार है। 21 दिवस बाद शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्रार नगर पालिका व ग्रामीण क्षेत्र में रजिस्ट्रार ग्राम पंचायत को प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार है।