सीकर, जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आशीष मोदी ने भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 के तहत जिलेवासियों से मकान सूचीकरण अभियान में सहयोग की अपील की है।
उन्होंने बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक चले स्व-गणना अभियान में सीकर जिले ने पूरे राजस्थान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1 लाख 66 हजार से अधिक परिवारों की स्व-गणना दर्ज की है।
16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण अभियान
जिला कलेक्टर ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।
इसके लिए जिले में
- 5,111 प्रगणक
- 871 सुपरवाइजर
- कुल 6,074 प्रशिक्षित कार्मिक नियुक्त किए गए हैं।
ये कार्मिक जिले के 4,888 मकान गणना ब्लॉकों, 1,152 राजस्व ग्रामों, 490 नगरीय वार्डों और 09 जनगणना नगरों में सर्वे कार्य करेंगे।
OTP, बैंक डिटेल या दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे
कलेक्टर आशीष मोदी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से
- OTP
- बैंक खाता विवरण
- आधार नंबर
- पैन कार्ड
- किसी दस्तावेज की कॉपी
नहीं मांगी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य केवल नागरिकों द्वारा दी गई सामान्य जानकारी तक सीमित रहेगा।
पहचान पत्र देखकर ही दें जानकारी
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जानकारी देने से पहले प्रगणक और सुपरवाइजर का सचित्र पहचान पत्र जरूर जांच लें।
किसी प्रकार का संदेह होने पर संबंधित चार्ज अधिकारी या जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।
दी गई जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी।
इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन जारी
जनगणना संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट सीकर में जिला जनगणना नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
- जिला नियंत्रण कक्ष नंबर : 01572-255524
- टोल फ्री नंबर : 1855
इसके अलावा जिले के सभी 27 चार्ज कार्यालयों में भी नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
विकसित भारत की मजबूत नींव
जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प की मजबूत नींव है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे सक्रिय भागीदारी निभाकर जनगणना 2027 को सफल बनाएं।





